शोपियां: जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले से आतंकवाद के खिलाफ मोर्चे पर सुरक्षाबलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। यहाँ पिछले पांच दिनों से जारी एक भीषण मुठभेड़ में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का मोस्ट वांटेड और टॉप कमांडर जाकिर अहमद गनी मारा गया है। बुधवार को सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर स्थल से उसका शव बरामद कर लिया है। सुरक्षा एजेंसियों को इस इलाके में एक और खूंखार आतंकी लतीफ भट के भी छिपे होने की तगड़ी आशंका है, जिसके लिए घेराबंदी अभी भी सख्त रखी गई है। मारे गए जाकिर गनी का नाम सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी उन 14 प्रमुख वांटेड आतंकियों की सूची में शामिल था, जिन्होंने हाल ही में पहलगाम में आतंकी वारदात को अंजाम दिया था। इस बड़े एक्शन को जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), सेना की राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने एक संयुक्त रणनीति के तहत अंजाम दिया है।
पांच दिनों से अभेद्य चक्रव्यूह रचकर जारी था मेगा ऑपरेशन
चनापोरा इलाके के घने बागों और रिहायशी हिस्सों में आतंकियों की मौजूदगी का सटीक खुफिया इनपुट मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने शनिवार की शाम को ही पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी थी। इस महा-ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए भारतीय सेना की आतंकवाद रोधी विशिष्ट यूनिट 'विक्टर फोर्स' के नेतृत्व में 44 RR, 20 RR, 34 RR, 55 RR और 3 पैरा (स्पेशल फोर्सेज) के कमांडो उतारे गए। साथ ही जम्मू-कश्मीर पुलिस के SOG और CRPF की 14 व 178 बटालियन ने बाहरी सुरक्षा घेरा संभाला। घने पेड़ों के बीच से आतंकियों के भागने के हर संभावित रास्ते को पूरी तरह सील कर दिया गया था और रात के अंधेरे में ऑपरेशन को जारी रखने के लिए हाई-टेक रोशनी की व्यवस्था भी की गई थी।
पीर पंजाल और दक्षिण कश्मीर में दहशत का पर्याय था जाकिर
सुरक्षा रिकॉर्ड्स से मिले विवरण के मुताबिक, मारा गया लश्कर कमांडर जाकिर अहमद गनी मूल रूप से कुलगाम के मतलहामा का निवासी था। वह साल 2023 से ही दक्षिण कश्मीर और पीर पंजाल के पहाड़ी दुर्गम क्षेत्रों में सक्रिय रहकर सीमा पार पाकिस्तान में बैठे आकाओं के इशारे पर कई घातक हमलों को अंजाम दे चुका था। उसकी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को देखते हुए अक्टूबर 2025 में एनआईए (NIA) की विशेष अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती नोटिस जारी किया था। इसके बाद अप्रैल 2026 में हुए सनसनीखेज पहलगाम आतंकी हमले में भी मुख्य साजिशकर्ता के रूप में उसका नाम सामने आया था, जिसके बाद कड़ा एक्शन लेते हुए प्रशासन ने उसके ठिकानों को भी ध्वस्त कर दिया था। जाकिर जहाँ 2024 से लश्कर का अहम मोहरा बना हुआ था, वहीं उसका साथी लतीफ भट पिछले साल ही इस सिंडिकेट का हिस्सा बना था।
हिटलिस्ट में शामिल 14 स्थानीय आतंकियों में से 9 का खात्मा
सुरक्षाबलों द्वारा जाकिर अहमद गनी के शव की बरामदगी घाटी में सक्रिय आतंकी नेटवर्क के लिए एक बहुत बड़ा झटका है। कश्मीर को आतंकवाद मुक्त बनाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने जिन 14 सक्रिय स्थानीय आतंकियों की ब्लैक लिस्ट तैयार की थी, जाकिर को मिलाकर अब तक उनमें से 9 खूंखार आतंकियों को जहन्नुम पहुंचाया जा चुका है। इससे पहले मई 2025 में शोपियां और पुलवामा के जिलों में हुए अलग-अलग सफल ऑपरेशन्स में 6 आतंकियों को ढेर किया गया था। कमान संभाल रहे अधिकारियों का कहना है कि सूची में बचे अंतिम 5 आतंकियों और लतीफ भट की तलाश में सर्च ऑपरेशन की रफ्तार और तेज कर दी गई है।

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