भिवानी: महिला टीचर मनीषा की मौत को लेकर जिले में बवाल बढ़ता जा रहा है। प्रशासन जहां इसे आत्महत्या बता रहा है, वहीं परिजनों का कहना है कि साजिश के तहत महिला टीचर की हत्या कर दी गई। परिवार वालों ने घटना के आठ दिन बाद मंगलवार को फिर लड़की के अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। मंगलवार सुबह मनीषा के पिता ने कहा कि उनकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती। प्रशासन के दबाव के कारण हम संस्कार करने को राजी हो गए थे। प्रशासन ने धरना कमिटी के जरिए दबाव बनाया था। वहीं जिला प्रशासन ने भिवानी और चरखी दादरी में तीन दिन के लिए इंटरनेट बंद करने के आदेश दिए। एसएमएस और डोंगल सेवाओं को भी अस्थायी रूप से 21 अगस्त तक बंद करने का आदेश दिया है। मंगलवार 11:00 बजे से लेकर 21 अगस्त दोपहर 11:00 बजे तक के लिए इंटरनेट पर पाबंदी लगाई गई है। हालांकि ब्रॉडबैंड इंटरनेट और वॉयस कॉल सेवाएं चालू रहेंगी। मंगलवार को हजारों लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया।
प्रशासन ने दी ये दलली
प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट और अफवाहों से स्थिति बिगड़ सकती थी, इसलिए यह कदम उठाया गया। जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। मनीषा के पिता के यह कहने कि प्रशासन ने सोमवार को उन पर लड़की के अंतिम संस्कार के लिए दबाव डाला था। पंचायत ने मनीषा का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। लोग आक्रोश में आ गए सभी रास्तों को पेड़ और पत्थर डालकर उन्हें बंद कर दिया गया। युवाओं के साथ महिलाएं भी गांव के एंट्री पॉइंट पर इकठ्ठा हो गईं।
क्यों बंद किया इंटरनेट
प्रशासन की ओर से जारी आदेश में लिखा गया है कि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे वट्सऐप, फेसबुक, ट्विटर मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस सेवाओं के माध्यम से गलत सूचना और अफवाहें फैलने के कारण होने वाली हिंसा से जन-जीवन और संपत्ति को गंभीर क्षति हो सकती है। इसलिए सर्विसेज निलंबित की गई हैं।
विपक्ष ने उठाए सवाल
विपक्ष ने राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में विफल रही है। डॉक्टरों के अनुसार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मनीषा की बॉडी में जहर पाए जाने की पुष्टि हुई है। वहीं पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसकी हैंडराइटिंग भी मैच होना बताया और शव को जंगली जानवरों द्वारा नोचने की बात कही गई। इस रिपोर्ट के बाद सोमवार देर रात को कमिटी ने फैसला लेकर शव लेकर अंतिम संस्कार का फैसला लिया था।
सीबीआई जांच कराने की मांग
इस जघन्य अपराध की सीबीआई से जांच कराने की मांग जोर-शोर से उठाई गई। पंचायत में भिवानी पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए, साथ ही मनीषा के परिवार को तत्काल न्याय दिलाने की मांग की। मनीषा का शव भिवानी के अस्पताल में ही रखा हुआ है। बिना इंसाफ मिले मनीषा का अंतिम संस्कार नहीं होने देंगे। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है। दूसरे जिलों से भी पुलिस फोर्स मंगाई गई है।

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