October 6, 2026

शिक्षक की करतूत से स्कूल में हड़कंप, नशे में PM पर की अमर्यादित टिप्पणी

बिलासपुर: शराब के नशे में स्कूल पहुंचने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने वाले एक सहायक शिक्षक के खिलाफ शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह मामला कोटा विकासखंड के अनुदान प्राप्त 'विद्यामंदिर प्राथमिक शाला, बेहरामुड़ा' का है, जहां पदस्थ सहायक शिक्षक चतरपाल सिंह राज पर यह गंभीर आरोप लगे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) संदीप पाण्डेय ने विद्यालय प्रबंध समिति को शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?

जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश के अनुसार, 3 अक्टूबर को विद्यालयीन समय के दौरान सहायक शिक्षक चतरपाल सिंह राज शराब के नशे में विद्यालय परिसर में पहुंचे थे। इस दौरान उनके द्वारा अत्यधिक अभद्र और अमर्यादित आचरण किया गया। शासकीय हाईस्कूल बेहरामुड़ा के प्राचार्य और संकुल शैक्षणिक समन्वयक की जांच रिपोर्ट के साथ-साथ सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुए एक वीडियो का भी विभाग ने स्वतः संज्ञान लिया है। सामने आए वीडियो में शिक्षक कैमरे के सामने अनुशासनहीनता की सारी हदें पार करते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक और अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल करते हुए स्पष्ट नजर आ रहे हैं।

शिक्षक पद की गरिमा के विपरीत आचरण

जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने आदेश में कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि शिक्षक का यह कृत्य न केवल शिक्षक जैसे पवित्र पद की गरिमा के पूरी तरह विपरीत है, बल्कि यह गंभीर अनुशासनहीनता और अमर्यादित आचरण की श्रेणी में आता है। इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार से शिक्षण संस्था की प्रतिष्ठा को भी भारी आघात पहुंचा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विद्यालय प्रबंध समिति को छत्तीसगढ़ शासन के नियमों के तहत तुरंत कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

24 घंटे में कार्रवाई नहीं होने पर रुकेगा वेतन भुगतान

चूंकि 'विद्यामंदिर प्राथमिक शाला, बेहरामुड़ा' एक अनुदान प्राप्त संस्था है और इसका संचालन विद्यालय प्रबंध समिति के अधीन होता है, इसलिए डीईओ ने समिति के अध्यक्ष और सचिव को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। आदेश में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि अगले 24 घंटे के भीतर निलंबन की कार्रवाई का अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो विद्यालय के समस्त कर्मचारियों का वेतन भुगतान रोक दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी सीधे तौर पर विद्यालय प्रबंध समिति की होगी। विभाग के इस सख्त रुख के बाद आरोपी शिक्षक पर बड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।