रोहतक| रोहतक में स्थित जननायक जनता पार्टी (जजपा) के मुख्य प्रादेशिक कार्यालय में महान समाज सुधारक और सूफी संत कबीर दास जी की पावन जयंती के उपलक्ष्य में एक भव्य और विशेष समारोह का आयोजन किया गया। इस गौरवमयी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री और जजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दुष्यंत चौटाला ने शिरकत की। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर वहां मौजूद सैंकड़ों पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। दुष्यंत चौटाला ने भी हाथ जोड़कर और पुष्पगुच्छ स्वीकार कर सभी कार्यकर्ताओं का सहर्ष अभिनंदन किया।
संत कबीर दास के विचारों को बताया समाज की रीढ़, भाईचारे की अपील
समारोह को मुख्य वक्ता के तौर पर संबोधित करते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने संत कबीर दास जी के जीवन और उनकी अमर वाणियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कबीर दास जी केवल एक कवि नहीं बल्कि एक ऐसे महान समाज सुधारक थे, जिन्होंने सदियों पहले समाज में फैली कुरीतियों, अंधविश्वास और जातिवाद के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की थी। दुष्यंत चौटाला ने वहां मौजूद जनसमूह से संत कबीर के दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लेने की बात कही और संपूर्ण समाज से आपसी एकता, सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करने की पुरजोर अपील की।
इसी दौरान उन्होंने सामाजिक और शैक्षणिक उत्थान को बढ़ावा देने के लिए पार्टी के एक विशेष संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि समाज को शिक्षित और जागरूक बनाना ही संत कबीर को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस दिशा में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को 'जहां देवालय, वहां पुस्तकालय' अभियान को और अधिक गति देने तथा इसे हरियाणा के हर गांव और हर कोने तक निरंतर आगे बढ़ाने का बड़ा आह्वान किया।
मुख्यमंत्री नायब सैनी से मांग- पीएम मोदी के सामने मजबूती से रखें हरियाणा का पक्ष
मंच से राजनीतिक और प्रदेश के नीतिगत मुद्दों पर आते हुए दुष्यंत चौटाला ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी हरियाणा दौरे का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सीधे तौर पर घेरते हुए मांग की कि वे इस दौरे को महज एक औपचारिक कार्यक्रम न बनने दें। मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री के सामने बेहद मजबूती के साथ सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर का बहुप्रतीक्षित और विवादित मुद्दा उठाना चाहिए। जजपा नेता ने दोकियोक शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे इस मुलाकात के जरिए हरियाणा के किसानों और जनता को उनके खून-पसीने के पानी का कानूनी हक यानी एसवाईएल का पानी दिलाएं।
यमुना जल बंटवारे पर घेरी सरकार; किशाऊ, लखवार और रेणुकाजी बांधों के लिए मांगा विशेष बजट
अपने संबोधन को और कड़ा करते हुए दुष्यंत चौटाला ने मौजूदा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की नीतियों पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यमुना नदी के जल बंटवारे को लेकर वर्तमान सरकार प्रदेश की जनता को अंधेरे में रख रही है और इस पूरे मामले पर पारदर्शिता से कोई भी सटीक जानकारी साझा नहीं की जा रही है।
हरियाणा के जल संकट को दूर करने के लिए उन्होंने सरकार के सामने एक बड़ा खाका रखते हुए मांग की कि किशाऊ बांध परियोजना, लखवार बांध परियोजना और रेणुकाजी बांध परियोजनाओं के कार्य में तेजी लाने के लिए सरकार को चालू वित्तीय वर्ष में एक विशेष और भारी-भरकम बजट का प्रावधान करना चाहिए। इन परियोजनाओं के पूरा होने से हरियाणा के एक बड़े हिस्से को पानी की किल्लत से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने देश और राज्य में लगातार बढ़ रही ईंधन (पेट्रोल और डीजल) की कीमतों पर गहरी चिंता व्यक्त की। दुष्यंत चौटाला ने तकनीकी पहलू उठाते हुए कहा कि पेट्रोल में जिस तरह से एथेनॉल को मिलाया जा रहा है, उसकी मात्रा और गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि इस मिलावट के कारण वाहनों के इंजनों को भारी तकनीकी नुकसान पहुंच रहा है, जिससे आम जनता की जेब पर दोहरी मार पड़ रही है।
वरिष्ठ नेताओं ने भी कबीर के आदर्शों को बताया सामाजिक समानता की आधारशिला
इस कबीर जयंती समारोह में दुष्यंत चौटाला के अलावा जजपा के कई दिग्गज नेताओं ने भी मंच साझा किया। पार्टी के राष्ट्रीय संगठन सचिव राजेंद्र लतानी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि संत कबीर दास के अनमोल वचन आज के आधुनिक युग में भी सामाजिक समानता और समरसता की सबसे मजबूत आधारशिला हैं। उनके विचार हर वर्ग को एक धागे में पिरोने का काम करते हैं।
इस भव्य कार्यक्रम को सफल बनाने में रोहतक के जिला प्रभारी हरज्ञान मोखरा, जिलाध्यक्ष डॉ. संदीप हुड्डा, अनुसूचित जाति (एससी) प्रकोष्ठ के प्रभारी रमेश खटक के साथ-साथ वरिष्ठ नेता सुरेंद्र भागीराम और महेंद्र सुड़ाना ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन सभी नेताओं ने कबीर दास जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और पार्टी को बूथ स्तर पर और अधिक मजबूत करने का संकल्प लिया।

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