रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस संचार विभाग के चेयरमैन सुशील आनंद शुक्ला ने राज्य की भाजपा सरकार पर आम जनता पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार बिजली बिल के साथ अब कोयले की कीमत का अतिरिक्त प्रभार भी उपभोक्ताओं से वसूल रही है, जिसके तहत अक्टूबर महीने में प्रति उपभोक्ता 300 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक का अतिरिक्त प्रभार भेजा गया है।
बिजली काटने और जबरिया वसूली का आरोप
कांग्रेस नेता शुक्ला ने दावा किया कि जिन उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन बिजली बिल का भुगतान तो कर दिया है लेकिन कोयला प्रभार शुल्क नहीं चुकाया है, उनके बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं। स्थिति यह है कि इस अक्टूबर में जिन उपभोक्ताओं के बिल भुगतान की नियत तारीख भी नहीं आई है, उनका पुराना बकाया बताकर कनेक्शन काटा जा रहा है, जिससे आम जनता भारी परेशानी में है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में बिजली विभाग केवल जबरिया वसूली का विभाग बनकर रह गया है।
लगातार बढ़ रहे बिजली के दाम
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से प्रदेश में लगातार पांचवीं बार बिजली के दाम बढ़ाए गए हैं। इसी साल जुलाई में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे, गैर-घरेलू के लिए 20 से 40 पैसे और कृषि पंपों की बिजली में 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई थी। इसके अलावा, 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार (एमपीपीएस) के रूप में भी दाम बढ़ाए गए।
उन्होंने आंकड़े रखते हुए कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद से अब तक कुल 31.23 प्रतिशत बिजली महंगी हो चुकी है, जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने पांच वर्षों में केवल 2 पैसे की मामूली बढ़ोतरी की थी और 400 यूनिट तक 'बिजली बिल हाफ' योजना लागू की थी।

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