September 27, 2026

दवा कारोबारी हत्याकांड में सुब्रत ने खोले राज, 100 रुपये देकर बनवाई थी डुप्लीकेट चाबी

कानपुर| कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड मामले में एक बहुत बड़ा और राहत भरा मोड़ सामने आया है. हत्याकांड के बाद निर्दोष होने के बावजूद जेल भेजी गई शालू को जल्द ही जेल से रिहाई मिलने की पूरी उम्मीद है, क्योंकि कानपुर पुलिस ने अदालत में नौ पन्नों की एक विस्तृत क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी है, जिसमें शालू को पूरी तरह निर्दोष बताया गया है. पुलिस की इस क्लोजर रिपोर्ट के सामने आने के बाद से इस सनसनीखेज मामले में कई नए और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिससे पुलिस की जांच और आरोपियों की भूमिका पर से पर्दा उठ गया है.

पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट में शालू को बताया गया पूरी तरह निर्दोष

दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की गहन तफ्तीश के बाद कानपुर पुलिस ने कोर्ट में नौ पन्नों की क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है, जिसमें चार प्रमुख बिंदुओं को मुख्य आधार बनाया गया है. पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के अनुसार, जांच में यह स्पष्ट रूप से साबित हो गया है कि शालू का इस हत्या की साजिश या वारदात से कोई लेना-देना नहीं था. पुलिस की जांच में यह सामने आया कि शालू को अंधेरे में रखकर साजिश रची गई थी और उसे झूठे मामलों में फंसाया गया था, जिसके चलते अब उसकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है.

फ्लैट के सीसीटीवी बंद कराने और डुप्लीकेट चाबी बनवाने का सच

जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य साजिशकर्ता सुब्रत ने ही शालू को यह कहकर मनाया था कि उसके पिता विनीत मिनोचा विशाल से नाराज रहते हैं और फ्लैट पर आने से गुस्सा होंगे, जिसके बाद सुरक्षाकर्मी को यह कहकर अंदर जाने दिया गया. फ्लैट की एंट्री से पहले के सीसीटीवी कैमरे भी सुब्रत ने खुद बंद करवाए थे. इसके अलावा फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी विशाल ने ही बनवाई थी और इसके लिए दुकानदार लारेब को 100 रुपये दिए गए थे. लारेब ने भी पुलिस को दिए गए बयानों में पुष्टि की है कि चाबी बनवाते वक्त शालू को इस बात की कोई भनक तक नहीं थी कि इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जाना है.

पुलिस कमिश्नर के मनोवैज्ञानिक जाल में फंसकर टूटा सुब्रत

हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता और मृतक दवा कारोबारी का बेटा सुब्रत शुरुआती दौर में पुलिस को लगातार गुमराह करता रहा, लेकिन पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के बिछाए गए रणनीतिक जाल में वह आखिरकार फंस गया. पुलिस के पास पहले से ही सुब्रत के खिलाफ मजबूत कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य पुख्ता साक्ष्य मौजूद थे. जब पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान विशाल ने भी यह कबूल कर लिया कि उसने सुब्रत के कहने पर ही हत्या की और शालू का नाम लिया, तब पुलिस कमिश्नर ने सुब्रत को पुख्ता सबूत दिखाते हुए सच बयां करने को कहा. कमिश्नर के इस दबाव और रणनीति के आगे सुब्रत पूरी तरह टूट गया और उसने तोते की तरह हत्या की पूरी साजिश का एक-एक सच बयां कर दिया.

कल्याणपुर के रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में हुई थी नृशंस हत्या

यह पूरा सनसनीखेज मामला कानपुर के कल्याणपुर स्थित इंदिरानगर के रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट का है, जहां 5 सितंबर की देर रात दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (63) की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. बदमाशों ने कारोबारी पर चाकू से 26 से ज्यादा वार किए थे, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी. घटना के अगले दिन सुबह जब बेटा और बहू पार्टी से घर लौटे तब इस वीभत्स वारदात का खुलासा हुआ था. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ के बाद पूर्व कर्मचारी विशाल और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया था, और अब पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट आने के बाद निर्दोष शालू की मुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो गया है, हालांकि आरोपी सुब्रत की मां अभी भी उसके समर्थन में कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रही हैं.