जयपुर । राजस्थान के आसमान पर छाई काली घटाओं ने एक बार फिर खौफनाक मंजर पैदा कर दिया है। पश्चिमी विक्षोभ के विलेन अवतार ने मरूधरा के मिजाज को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। 4 अप्रैल की सुबह से ही राज्य के 29 जिलों में खतरे का सायरन बज रहा है।
जवाहर नगर में बाइक सवार रामजीलाल पर बिजली का पोल गिर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जवाहर सर्किल इलाके में तेज हवा के कारण एक भारी ग्रेनाइट पत्थर बुजुर्ग पर गिर गया, जो जानलेवा साबित हुआ।बीकानेर, श्रीगंगानगर और जैसलमेर में हुई ओलावृष्टि ने तपते राजस्थान को अचानक हिल स्टेशन बना दिया है। श्रीगंगानगर सहित कई शहरों में पारा 7 से 8 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है, जिससे अप्रैल की शुरुआत में ही लोगों को हल्की ठंडक का अहसास होने लगा है। खेतों और मंडियों में तबाही का मंजर है। आमतौर पर मार्च के बाद कमजोर पड़ने वाले विक्षोभ इस बार अजेय बने हुए हैं। 13 मार्च से अब तक 6 सिस्टम एक्टिव हो चुके हैं, जिसने सरसों, गेहूं और चने की फसलों को बर्बाद कर दिया है। मंडियों में खुले में रखा अनाज भीगने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं।

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