सहारनपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने रविवार देर रात एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले सवा लाख रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी ललन सिंह उर्फ लल्लन को एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया। यह मुठभेड़ सहारनपुर जिले के सरसावा-नकुर मार्ग पर हुई। इस क्रॉस-फायरिंग के दौरान लल्लन का एक मुख्य मददगार अंधेरे और घने पेड़ों का लाभ उठाकर घटना स्थल से भागने में सफल रहा, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
वाराणसी और चंदौली पुलिस ने घोषित किया था इनाम
एसटीएफ मुख्यालय से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मारे गए अपराधी ललन सिंह (पुत्र शिव शंकर सिंह) का लंबा और खौफनाक आपराधिक इतिहास रहा है। वह पिछले काफी समय से उत्तर प्रदेश और बिहार के कई संगीन और जघन्य मामलों में वांछित (वांटेड) चल रहा था। उसकी लगातार बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की ओर से एक लाख रुपये और चंदौली जिला पुलिस की तरफ से 25 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया गया था। लल्लन मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिला अंतर्गत मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र के आनंदगोलवा गांव का निवासी था, जिसने पूर्वांचल और पश्चिम यूपी में अपना नेटवर्क फैला रखा था।
घेराबंदी करने पर एसटीएफ टीम पर झोंक दी थी गोलियां
घटनाक्रम के मुताबिक, 21 जून की रात एसटीएफ की विशेष टीम सहारनपुर के सरसावा-नकुर मार्ग पर संदिग्ध वाहनों और अंतरराज्यीय अपराधियों की धरपकड़ के लिए सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान गुप्तचरों से टीम को इलाके में कुछ हथियारों से लैस बदमाशों की मौजूदगी का सटीक इनपुट मिला।
सूचना के आधार पर जब एसटीएफ ने घेराबंदी शुरू की, तो खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में ललन सिंह उर्फ लल्लन गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसका दूसरा साथी गोलियां चलाते हुए मौके से भाग निकला।
सुरक्षा बल घायल बदमाश को तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सरसावा लेकर गए, जहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने सघन परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
7 हत्याओं और बैंक डकैती सहित कई बड़ी वारदातों को दे चुका था अंजाम
पुलिसिया रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला है कि ललन सिंह अपने सगे भाइयों और गिरोह के अन्य सक्रिय सदस्यों के साथ मिलकर एक संगठित आपराधिक सिंडिकेट चला रहा था। उसके ऊपर सात निर्दोष लोगों की बेरहमी से हत्या, कई बैंक डकैती, एटीएम कैश-वैन लूट और पुलिसकर्मियों से सरकारी हथियार लूटने जैसे दर्जनों संगीन मुकदमे दर्ज थे। लल्लन के हाथों मारे गए लोगों में दो जांबाज सब-इंस्पेक्टर (उपनिरीक्षक), एक बैंक कैशियर और एक सुरक्षा गार्ड भी शामिल थे।
विशिष्ट मामलों की बात करें तो लल्लन पर 8 नवंबर 2022 को वाराणसी में तैनाती के दौरान एक सब-इंस्पेक्टर को सरेआम गोली मारकर उनकी सरकारी सर्विस पिस्तौल लूटने का मुख्य आरोप था। इसके अतिरिक्त, 1 नवंबर 2022 को चंदौली जिले में हुई एक भीषण गोलीबारी और रंगदारी-लूट की घटना में भी पुलिस को उसकी सरगर्मी से तलाश थी। पुलिस प्रशासन ने बताया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और फरार आरोपी को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।

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