August 10, 2026

सोमनाथ यात्रा बनी मातम का कारण, नदी में नहाते समय राजस्थान के 4 दोस्तों के डूबने की खबर

सुरेंद्रनगर: राजस्थान से रोजगार की तलाश में गुजरात गए चार युवाओं की खुशियां एक पल में मातम में तब्दील हो गईं। सुरेंद्रनगर जिले के वधवान क्षेत्र अंतर्गत नागरा गांव के समीप उमैया नदी में नहाने उतरे राजस्थान के चार युवकों की गहरे पानी में डूब जाने से मौत हो गई। ये सभी युवक मोरबी के एक सोलर प्लांट में मजدूरी करते थे और अपनी छुट्टी के दौरान प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के दर्शन करने के लिए जा रहे थे। इस भीषण हादसे में उनके साथ मौजूद एक अन्य साथी बाल-बाल बच गया। जोरावरनगर थाने के प्रभारी एम.आर. गोहिल ने पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि ये सभी दोस्त मोरबी से अपनी यात्रा पर निकले थे और रास्ते में नागरा गांव के पास नदी किनारे विश्राम करने तथा नहाने के लिए रुके थे।

नदी किनारे मस्ती के दौरान गहरे पानी में उतरे दोस्त

हादसे में सुरक्षित बचे चश्मदीद साथी कालूराम भील ने आपबीती साझा करते हुए बताया कि जब वह नदी के तट पर कपड़े धो रहा था, तब उसके बाकी चारों दोस्त पानी में उतरकर नहाने लगे। नहाते-नहाते और मस्ती करते हुए वे सभी अचानक अनजाने में नदी के गहरे हिस्से की तरफ चले गए। जब वे डूबने लगे तो कालूराम ने घबराकर जोर-जोर से चिल्लाना शुरू किया, जिसकी आवाज सुनकर आसपास के करीब दो सौ ग्रामीण और स्थानीय गोताखोर तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंचे। इसके बाद काफी कड़ी मशक्कत और रेस्क्यू के बाद चारों युवकों के शवों को पानी से बाहर निकाला जा सका।

मृतकों में शामिल बाड़मेर, जालोर और फलोदी के युवा श्रमिक

इस हृदयविदारक हादसे में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान बाड़मेर जिले के मंगले की बेरी निवासी इक्कीस वर्षीय मोहनलाल चौधरी, जालोर निवासी छब्बीस वर्षीय जीवाराम चौधरी, जालोर के दुधवा कुभिया निवासी इक्कीस वर्षीय रमेशकुमार चौधरी और फलोदी निवासी बीस वर्षीय फुसाराम उर्फ खुशाराम चौधरी के रूप में हुई है। मृतकों में शामिल मोहनलाल चौधरी का विवाह महज चार महीने पहले ही संपन्न हुआ था, जिससे उनके परिवार में कोहराम मच गया है। पुलिस ने चारों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सुरेंद्रनगर के सरकारी गांधी अस्पताल भेज दिया है।

नदी की गहराई और चिपचिपी मिट्टी का नहीं लगा अंदाजा

स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में हाल ही में हुई बारिश के कारण नदी में कई जगहों पर जलभराव और खतरनाक गहरे गड्ढे बन गए थे। मूल रूप से राजस्थान के रेगिस्तानी और कम पानी वाले इलाकों के रहने वाले होने के कारण इन युवकों को उमैया नदी की तलहटी की वास्तविक गहराई और वहां जमी हुई खतरनाक चिपचिपी मिट्टी का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था। जैसे ही वे गहरे पानी में उतरे, उनके पैर कीचड़ में फंस गए और वे चाहकर भी तैरकर बाहर नहीं निकल सके। पुलिस अधीक्षक प्रेमसुख डेलू ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है और सभी मृतकों के परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है।