उज्जैन: विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर परिसर में नागचंद्रेश्वर मंदिर के समीप अचानक भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। परिसर में करंट फैलने की झूठी अफवाह के कारण श्रद्धालुओं में अफरातफरी मच गई, जिससे कतार में खड़े लोग खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
अफवाह के बाद बिगड़े हालात, कई श्रद्धालु गिरे
घटना के समय महाकाल परिसर श्रद्धालुओं से पूरी तरह खचाखच भरा हुआ था और लोग दर्शन के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। अफवाह फैलते ही मची भगदड़ के दौरान अत्यधिक दबाव के कारण कई श्रद्धालु नीचे गिर गए। इस धक्का-मुक्की में दम घुटने और घबराहट के कारण लगभग 13 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें तुरंत उज्जैन के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
पुलिस प्रशासन ने संभाला मोर्चा, स्थिति नियंत्रण में
उज्जैन के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रदीप शर्मा ने बताया कि नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए बैरिकेडिंग के पास करीब 40 हजार से अधिक लोग कतारबद्ध थे। इसी दौरान फैली अफवाह से कुछ समय के लिए व्यवस्था प्रभावित हुई थी। पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ का दबाव काफी अधिक था, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी बड़े हादसे से बचाव हो गया।
नागपंचमी पर उमड़ती है भारी भीड़
महाकालेश्वर मंदिर के तीसरे तल पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर का मंदिर वर्ष में केवल एक बार नागपंचमी के अवसर पर 24 घंटे के लिए खोला जाता है। इसी वजह से देशभर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। प्रशासन के मुताबिक, हादसे की स्थिति बनने से पहले तक लगभग 5.50 लाख से अधिक भक्त भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन कर चुके थे।

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