भगवान शिव के भक्तों को सावन माह का इंतजार रहता है क्योंकि यह भगवान भोलेनाथ का सबसे प्रिय मास है. इस माह में शिवलिंग पर एक लोटा जल अर्पित कर देने मात्र से महादेव की कृपा प्राप्त हो जाती है. इस साल सावन माह का प्रारंभ 30 जुलाई दिन गुरुवार से हो रहा है. इस बार सावन का महीना 31 दिनों का रहने वाला है. इसमें 4 सावन सोमवार व्रत पड़ने वाले हैं, वहीं 4 मंगला गौरी व्रत भी आएंगे. इन दोनों व्रतों का विशेष महत्व होता है. सावन सोमवार व्रत से आपकी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं. महाशिवरात्रि के बाद सावन की शिवरात्रि व्रत का भी बड़ा महत्व है. इसी माह में भाई और बहन के प्रेम का त्योहार रक्षाबंधन भी आता है. सावन में कब कौन सा व्रत और त्योहार है? जानने के लिए देखें कैलेंडर.
सावन 2026 का संपूर्ण व्रत कैलेंडर
30 जुलाई, दिन गुरुवार: सावन का पहला दिन, सावन कृष्ण प्रतिपदा
2 अगस्त, दिन रविवार: गजानन संकष्टी चतुर्थी या सावन संकष्टी चतुर्थी
3 अगस्त, दिन सोमवार: पहला सावन सोमवार व्रत
4 अगस्त, दिन मंगलवार: पहल मंगला गौरी व्रत
5 अगस्त, दिन बुधवार: सावन कालाष्टमी व्रत
7 अगस्त, दिन शुक्रवार: मासिक कार्तिगाई
8 अगस्त, दिन शनिवार: रोहिणी व्रत
9 अगस्त, दिन रविवार: कामिका एकादशी
10 अगस्त, दिन सोमवार: दूसरा सावन सोमवार व्रत, सोम प्रदोष व्रत
11 अगस्त, दिन मंगलवार: दूसरा मंगला गौरी व्रत, सावन शिवरात्रि व्रत
12 अगस्त, दिन बुधवार: सावन अमावस्या, हरियाली अमावस्या, सूर्य ग्रहण
13 अगस्त, दिन गुरुवार: सावन शुक्ल प्रतिपदा, श्रावण शुक्ल पक्ष प्रारंभ
15 अगस्त, दिन शनिवार: हरियाली तीज
16 अगस्त, दिन रविवार: दूर्वा गणपति चतुर्थी, सावन विनायक चतुर्थी
17 अगस्त, दिन सोमवार: तीसरा सावन सोमवार व्रत, नाग पंचमी, सिंह संक्रांति, स्कंद षष्ठी व्रत
18 अगस्त, दिन मंगलवार: तीसरा मंगला गौरी व्रत, कल्कि जयंती
19 अगस्त, दिन बुधवार: तुलसीदास जयंती
20 अगस्त, दिन गुरुवार: सावन मासिक दुर्गाष्टमी
23 अगस्त, दिन रविवार: श्रावण पुत्रदा एकादशी
24 अगस्त, दिन सोमवार: चौथा सावन सोमवार व्रत, वैष्णव श्रावण पुत्रदा एकादशी
25 अगस्त, दिन मंगलवार: चौथा मंगला गौरी व्रत, भौम प्रदोष व्रत
26 अगस्त, दिन बुधवार: ओणम
27 अगस्त, दिन गुरुवार: हयग्रीव जयन्ती, श्रावण पूर्णिमा व्रत
28 अगस्त, दिन शुक्रवार: श्रावण पूर्णिमा, रक्षाबंधन, वरलक्ष्मी व्रत, चंद्र ग्रहण, सावन का समापन

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