रायपुर : बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने का सपना हर माता-पिता का होता है, लेकिन आर्थिक कठिनाइयां कई बार इस सपने को पूरा करने में बाधा बन जाती हैं। ऐसे परिवारों के लिए शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं उम्मीद की नई किरण बन रही हैं। दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड अंतर्गत ग्राम डीघारी निवासी यशवंत भांडेकर के लिए सेवा सेतु पोर्टल ऐसी ही उम्मीद का माध्यम बना है। पोर्टल के जरिए उन्हें अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ है, जिससे उनके बच्चों के लिए केंद्र प्रवर्तित प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का लाभ प्राप्त करने की राह आसान हुई है।
सीमित आय में परिवार का भरण-पोषण करने वाले यशवंत भांडेकर की हमेशा से इच्छा रही है कि उनके बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर जीवन में आगे बढ़ें। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता दी। जब उन्हें अस्वच्छ व्यवसायों में कार्यरत परिवारों के बच्चों के लिए संचालित केंद्र प्रवर्तित प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की जानकारी मिली, तो बच्चों की शिक्षा को लेकर उनकी उम्मीदें और मजबूत हुईं। हालांकि योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण-पत्र प्राप्त करना उनके सामने एक चुनौती थी।
सेवा सेतु केंद्र ने आसान बनाई प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया
यशवंत को जब तहसील कार्यालय पाटन स्थित सेवा सेतु केंद्र की जानकारी मिली, तो वे वहां पहुंचे। केंद्र के प्रबंधक ने उन्हें प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन की प्रक्रिया समझाई और आवश्यक दस्तावेजों एवं औपचारिकताओं को पूरा करने में सहयोग किया। डिजिटल एवं पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से 12 जून 2026 को उनका आवेदन दर्ज किया गया। निर्धारित प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 31 अगस्त 2026 को उनका अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण-पत्र अनुमोदित होकर प्राप्त हुआ।
प्रमाण-पत्र मिलने से यशवंत और उनके परिवार को बड़ी राहत मिली। अब वे अपने बच्चों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकते हैं। यह प्रमाण-पत्र बच्चों की पढ़ाई जारी रखने और उनके बेहतर भविष्य के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
वंचित परिवारों के बच्चों की शिक्षा में सहायक है योजना
केंद्र प्रवर्तित प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का उद्देश्य अस्वच्छ व्यवसायों में संलग्न परिवारों के बच्चों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उनकी पढ़ाई में आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत पात्रता की शर्तों के अनुसार संबंधित परिवारों के बच्चों को छात्रवृत्ति का लाभ प्रदान किया जाता है। ऐसे परिवारों के लिए आवश्यक प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने में सेवा सेतु जैसी डिजिटल सेवाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के प्रति जताया आभार
यशवंत भांडेकर ने प्रमाण-पत्र मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से उन्हें बच्चों की प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आवश्यक अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ है। यह दस्तावेज उनके बच्चों की शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस सुविधा के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

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