जयपुर। भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को एसीबी की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद अदालत ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस दौरान उनकी अंतरिम जमानत अर्जी भी खारिज कर दी गई, जबकि सुरक्षा को लेकर उठाए गए मुद्दे पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा है।
दिल्ली से गिरफ्तारी, जयपुर लाकर पेशी
सुबोध अग्रवाल को 9 तारीख को दिल्ली से गिरफ्तार कर जयपुर लाया गया था। इसके बाद 10 तारीख को उन्हें एसीबी कोर्ट में पेश किया गया। पहली पेशी के दौरान एसीबी ने अदालत से 5 दिन की रिमांड की मांग की थी। हालांकि कोर्ट ने इस मांग को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए उन्हें 3 दिन की रिमांड पर भेजा।
दूसरी पेशी में बढ़ी रिमांड अवधि
इसके बाद 13 अप्रैल को दोबारा कोर्ट में पेश किए जाने पर अदालत ने अग्रवाल को 2 दिन की अतिरिक्त रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। दो दिन की अतिरिक्त रिमांड पूरी होने के बाद बुधवार को एक बार फिर उन्हें एसीबी कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।
अंतरिम जमानत अर्जी खारिज
इस दौरान सुबोध अग्रवाल के वकीलों ने अंतरिम जमानत की अर्जी दाखिल की, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने दलील दी कि जांच के दौरान सुबोध अग्रवाल ने कई बड़े और प्रभावशाली नामों का खुलासा किया है, जिसके चलते जेल में उनकी जान को खतरा हो सकता है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें सामान्य बैरक में रखने के बजाय स्पेशल सेल में रखा जाए, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इस मांग पर अदालत ने तुरंत कोई निर्णय नहीं दिया और मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब यह देखना अहम होगा कि अदालत सुरक्षा को लेकर क्या आदेश देती है।

More Stories
भीरा में फिर तनाव: बांकेगंज बवाल के बाद दो पक्ष आमने-सामने, पुलिस ने संभाली स्थिति
सीवान में चंद्रशेखर-गांधी प्रतिमा से छेड़छाड़, लोगों में भारी आक्रोश
महाबा में सनसनीखेज हत्या: अंधेरे में बढ़ते कदम, CCTV में कैद हुआ राज