पटियाला: पंजाब में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी और धान की रोपाई के पीक सीजन ने राज्य की बिजली वितरण व्यवस्था की कमर तोड़ कर रख दी है। आसमान से बरसती आग और खेतों में सिंचाई के लिए पानी की भारी जरूरत के चलते सोमवार को पूरे राज्य में बिजली की मांग ने एक नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड कायम कर दिया है। पावर कॉरपोरेशन पर इस कदर दबाव बढ़ गया है कि सोमवार दोपहर के वक्त बिजली की अधिकतम मांग 16,130 मेगावाट के भारी-भरकम आंकड़े तक जा पहुंची। बिजली विभाग के अनुसार, यह इस पूरे गर्मी के सीजन में दर्ज की गई अब तक की सबसे बड़ी और चुनौतीपूर्ण मांग है।
केंद्रीय पूल से लिया जा रहा अतिरिक्त कोटा, फिर भी आपूर्ति नाकाफी
लगातार बढ़ती इस बेतहाशा खपत को पूरा करने के लिए पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। हालात यह हो गए हैं कि राज्य के अपने बिजली उत्पादन संसाधन कम पड़ गए हैं, जिसके कारण ऊर्जा प्रबंधन को केंद्रीय पूल से अपनी निर्धारित सीमा से भी कहीं ज्यादा बिजली खींचनी पड़ रही है। विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को ठीक दोपहर 12 बजे के करीब बिजली का लोड अपने चरम पर था। चिलचिलाती धूप, बढ़ते तापमान और खेतों में लगातार चल रही मोटर-पंपों के कारण यह बिजली संकट अचानक से इस रिकॉर्ड स्तर पर जा पहुंचा है।
आम जनता और किसानों को झेलनी पड़ रही कटौती की मार
केंद्रीय पूल से अतिरिक्त बिजली लेने के तमाम प्रयासों के बावजूद जमीनी हालात जस के तस बने हुए हैं। पंजाब के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में अभी भी किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध बिजली नसीब नहीं हो पा रही है। एक तरफ धान की फसल के लिए खेतों में पानी भरना किसानों के लिए बेहद जरूरी है, तो दूसरी तरफ घरों में उमस और गर्मी से बचने के लिए लगातार एसी और कूलर चल रहे हैं। मांग और आपूर्ति के बीच पैदा हुई इस बड़ी खाई के कारण कई क्षेत्रों में लोगों को अघोषित बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह से बेहाल हो चुका है।

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