अभिनेत्री दिवंगत श्रीदेवी की चेन्नई स्थित कीमती संपत्ति को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने फिल्ममेकर बोनी कपूर और उनकी बेटियों—जाह्नवी कपूर व खुशी कपूर को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने विवादित संपत्ति पर फिलहाल यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने का आदेश दिया है।
18 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई
जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस अरुण पिल्लई की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक संपत्ति के स्वामित्व, निर्माण या कब्जे की स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। अदालत ने दोनों पक्षों को आपसी बातचीत और मध्यस्थता (Mediation) के जरिए विवाद सुलझाने का सुझाव भी दिया है। मामले की अगली सुनवाई 18 दिसंबर 2026 को तय की गई है।
क्या है पूरा विवाद?
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विवादित स्थल: यह मामला चेन्नई के ईस्ट कोस्ट रोड (ECR) स्थित एक बहुमूल्य संपत्ति से जुड़ा है।
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दावेदार: एमसी शिवकामी और एमसी नटराजन ने संपत्ति पर अपना अधिकार जताते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
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बचाव पक्ष: बोनी कपूर, जाह्नवी कपूर और खुशी कपूर ने इन दावों का विरोध करते हुए याचिका को खारिज करने की मांग की थी।
निचली अदालत से सुप्रीम कोर्ट तक का सफर
प्रारंभिक चरण में निचली अदालत ने वादियों की याचिका खारिज करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद बोनी कपूर व उनकी बेटियों ने मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया। अप्रैल 2026 में मद्रास हाईकोर्ट ने बोनी कपूर के पक्ष में फैसला सुनाते हुए विपक्षी पक्ष की याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट के इसी आदेश के खिलाफ अब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है।
सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद अब अगली सुनवाई तक इस संपत्ति की न तो बिक्री या हस्तांतरण (Transfer) किया जा सकेगा और न ही इस पर कोई नया निर्माण कार्य हो सकेगा।

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