राघव चड्ढा को लेकर फैली अफवाह, बीजेपी जॉइन की खबर निकली गलत

नई दिल्ली। हाल ही में आम आदमी पार्टी का दामन छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को संसद में एक अहम और बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। चड्ढा को उच्च सदन की प्रतिष्ठित 'याचिका समिति' (कमिटी ऑन पेटिशंस) का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने इस समिति का पुनर्गठन करते हुए इसके नए स्वरूप को मंजूरी दी है, जिसमें राघव चड्ढा को कमान सौंपी गई है।

राज्यसभा के सभापति ने किया समिति का पुनर्गठन

संसद के उच्च सदन के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने याचिका समिति को नया रूप देते हुए इसमें कुल दस सदस्यों को नामित किया है। राघव चड्ढा की बतौर अध्यक्ष यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। इस नई जिम्मेदारी के बाद अब वे उच्च सदन में समिति के कामकाज और बैठकों का संचालन करेंगे।

क्या काम करती है संसद की यह अहम समिति

संसदीय व्यवस्था में याचिका समिति का स्थान बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह समिति आम जनता और नागरिकों द्वारा संसद को भेजी जाने वाली विभिन्न याचिकाओं और जनहित से जुड़े गंभीर मुद्दों की बारीकी से जांच करती है। इसके बाद समिति अपनी रिपोर्ट और सुझाव सदन के पटल पर रखती है, ताकि आम लोगों की समस्याओं का प्रशासनिक स्तर पर समाधान हो सके।

राघव चड्ढा के राजनीतिक सफर में नया पड़ाव

राजनीतिक गलियारों में राघव चड्ढा को भाजपा में शामिल होने के तुरंत बाद मिली इस जिम्मेदारी को काफी अहम माना जा रहा है। दल बदलने के बाद सदन के भीतर उन्हें यह पहला बड़ा प्रशासनिक और विधायी कार्य सौंपा गया है। इसे पार्टी और संसदीय नेतृत्व द्वारा उनके संगठनात्मक व नीतिगत कौशल पर जताए गए भरोसे के रूप में देखा जा रहा है।