September 29, 2026

विराट के साथ दोस्ती पर रोहित का खुलासा, कप्तानी और बल्लेबाजी को लेकर भी रखी अपनी बात

भारतीय क्रिकेट जगत के दो सबसे बड़े स्तंभों—रोहित शर्मा और विराट कोहली—के आपसी संबंधों और उनकी लंबी क्रिकेट यात्रा को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हाल ही में पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने विराट कोहली के साथ अपने रिश्तों पर खुलकर अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों दिग्गजों के बीच आज भी उतनी ही मजबूत बॉन्डिंग (तालमेल) है और वे अपने खेल को निरंतर बेहतर बनाने के लिए समय-समय पर आपस में चर्चा करते रहते हैं।

लगभग दो दशक पुराना है क्रिकेटिया सफर

रोहित शर्मा और विराट कोहली वर्तमान में भारतीय टीम के सबसे अनुभवी और वरिष्ठ खिलाड़ियों में शुमार हैं। जहां एक ओर रोहित ने वर्ष 2007 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना पदार्पण किया था, वहीं दूसरी ओर विराट ने साल 2008 में टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया था। पिछले लगभग दो दशकों से ये दोनों खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट टीम का अभिन्न हिस्सा रहे हैं और विभिन्न प्रारूपों में कप्तानी की बड़ी जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। एक मीडिया इंटरव्यू में बातचीत करते हुए रोहित ने बताया कि दोनों ने अपने करियर की शुरुआत लगभग एक ही समय पर की थी और तब से लेकर आज तक वे देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वे अच्छी तरह समझते हैं कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निरंतरता बनाए रखने के लिए कितनी कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती है।

'मैदान पर अलग अंदाज, लेकिन आपसी समझ है गहरी'

रोहित ने इस बात पर जोर दिया कि भले ही दोनों खिलाड़ियों की बल्लेबाजी की शैली और तकनीक एक-दूसरे से भिन्न हो, किंतु इससे उनके आपसी तालमेल और समझ पर कभी कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है। विराट के खेल के प्रति दृष्टिकोण की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि वे आज भी उसी आक्रामक और समर्पित अंदाज में खेलते हैं, जिसका उद्देश्य टीम इंडिया के लिए अधिक से अधिक रन बनाना और मैच जिताना होता है। रोहित के अनुसार, कप्तानी के दौर में भी विराट का रवैया बिल्कुल ऐसा ही था और समय बीतने के बाद भी उनके खेल की मूल भावना में कोई बदलाव नहीं आया है।

बल्लेबाजी को लेकर होती है खुली चर्चा

रोहित ने यह भी साझा किया कि दोनों सीनियर बल्लेबाज न केवल एक-दूसरे के खेल की सराहना करते हैं, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर तकनीकी सुधार के लिए सकारात्मक सुझाव भी साझा करते हैं। यदि विराट को कभी ऐसा लगता है कि रोहित की बल्लेबाजी में किसी पहलू पर सुधार की गुंजाइश है, तो वे निसंकोच उनसे बात करते हैं। ठीक इसी प्रकार, रोहित भी अपनी राय विराट के सामने रखते हैं। उनके बीच क्रिकेट को लेकर यह संवाद अनवरत जारी रहता है और इसमें समय के साथ कोई अंतर नहीं आया है।

व्यस्तता और मुलाकातों में आई कमी

अपने निजी जीवन और मुलाकातों के बारे में बात करते हुए रोहित ने बताया कि पहले दोनों खिलाड़ी लगातार विदेशी और घरेलू दौरों पर व्यस्त रहते थे, जिसके कारण उन्हें निजी जीवन में बहुत कम समय मिल पाता था। लगभग एक साल पहले तक की स्थिति यह थी कि वे हर पाँच से सात दिन के अंतराल पर किसी न किसी दौरे पर होते थे। हालांकि, अब कुछ प्रारूपों से संन्यास लेने और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के व्यस्त शेड्यूल में थोड़ा अंतराल मिलने के कारण दोनों खिलाड़ी अपने घरों पर अधिक समय व्यतीत कर रहे हैं। इसके बावजूद, रोहित ने यह भी उल्लेख किया कि अब उनकी मुलाकातें पहले की तुलना में कम हो पाती हैं, क्योंकि विराट का निवास स्थान उनसे काफी दूरी पर है और एकदिवसीय श्रृंखलाओं के बीच भी एक से डेढ़ महीने का लंबा अंतराल होता है।

'विराट आज भी वही ऊर्जावान खिलाड़ी हैं'

विराट कोहली के भविष्य के दृष्टिकोण और खेल शैली पर टिप्पणी करते हुए रोहित ने विश्वास जताया कि उन्हें अपनी बुनियादी खेल शैली में किसी भी प्रकार के बड़े बदलाव की कोई आवश्यकता नहीं है। उनके अनुसार, विराट भविष्य में भी ठीक उसी शिद्दत से अपनी तैयारी करेंगे, रनों का अंबार लगाने का प्रयास करेंगे और टीम इंडिया को विजय दिलाने के लिए अपनी तरफ से सौ प्रतिशत योगदान देंगे। इन दोनों दिग्गजों का यह अटूट रिश्ता भारतीय क्रिकेट इतिहास में उनकी ऐतिहासिक साझेदारी और मैदान के बाहर के आत्मीय सम्मान का एक बेहतरीन उदाहरण है।