नई दिल्ली
रियान पराग इस समय असम की टीम के लिए वन मैन आर्मी बने हुए हैं। टीम जब भी संघर्ष करती है तो वे हमेशा टीम के लिए खड़े हो जाते हैं। रणजी ट्रॉफी के इस सीजन में लगातार दूसरी बार उन्होंने कप्तान पद की जिम्मेदारी को संभाला है और टीम को संघर्ष से निकाला है। रियान पराग ने लगातार दूसरा शतक रणजी ट्रॉफी के इस सीजन में ठोका है। असम की टीम ने 3 विकेट महज 25 रन पर खो दिए थे और करीब 400 रनों से टीम पीछे थे। इसके बाद वे बल्लेबाजी के लिए उतरे और रन प्रति बॉल बनाकर उन्होंने टीम को राहत की सांस दिलाई।
रियान पराग ने पिछले मैच में रणजी ट्रॉफी के इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक जड़ा था और अब 104 गेंदों में वे शतक तक पहुंचे। हालांकि, वे 125 गेंदों में 16 चौके और 3 छक्कों की मदद से 116 रनों की पारी खेलकर lbw आउट हो गए। उन्होंने टीम को लगातार दूसरी बार फॉलोऑन खेलने से बचाने का काम किया। पिछले मैच में रियान पराग ने फॉलोऑन खेलते हुए 87 गेंदों में 11 चौके और 12 छक्कों की मदद से 155 रनों की पारी खेली थी। उस मैच में उनका स्ट्राइक रेट 178.16 का था। उन्होंने जानबूझकर नहीं, बल्कि परिस्थितियों की वजह से ऐसी पारी खेली।
दाएं हाथ का ये बल्लेबाज लगातार बेहतर होता जा रहा है। आईपीएल की परफॉर्मेंस के आधार पर उनकी आलोचना होती है, लेकिन ये युवा खिलाड़ी लगातार डोमेस्टिक क्रिकेट में रन बना रहा है। रियान पराग किसी एक फॉर्मेट में नहीं, बल्कि तीनों फॉर्मेट में असम के लिए वन मैन आर्मी बने हुए हैं। लिस्ट ए क्रिकेट में वे पांच शतक जड़ चुके हैं और टी20 क्रिकेट में भी वे कई अच्छी पारियां खेलने में सफल हुए हैं। आईपीएल में वे कई सालों से राजस्थान रॉयल्स के लिए खेल रहे हैं और टीम लगातार उनको अपने साथ जोड़े रखती है। मौके भी उनको खूब मिले हैं।

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