August 17, 2026

उदयपुर के वार्डों में आरक्षण का ऐलान, लॉटरी से तय हुआ पूरा गणित

उदयपुर: राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर वार्डों के आरक्षण की स्थिति साफ हो गई है। उदयपुर नगर निगम के कुल 80 वार्डों के लिए जिला परिषद सभागार में जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल, एडीएम दीपेंद्र सिंह राठौड़ और जितेंद्र ओझा की मौजूदगी में लॉटरी निकाली गई। इस दौरान सामान्य वर्ग के लिए 32 वार्ड ओपन रखे गए हैं, जबकि 16 वार्ड सामान्य महिला श्रेणी के लिए आरक्षित हुए हैं। इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए भी वार्डों का आवंटन पूरा कर लिया गया है।

जोधपुर नगर निगम में 100 वार्डों का आरक्षण घोषित

जोधपुर नगर निगम की आरक्षण प्रक्रिया जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जहां स्कूली बच्चों के माध्यम से पर्चियां निकलवाई गईं। जोधपुर के 100 वार्डों में से अनुसूचित जाति के लिए 13 वार्ड आरक्षित हुए हैं, जिनमें से 4 वार्ड (2, 76, 91, 32) एससी महिला के लिए तय किए गए हैं। अनुसूचित जनजाति वर्ग को 2 वार्ड मिले हैं, जिसमें वार्ड संख्या 4 एसटी महिला के लिए सुरक्षित है। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 20 वार्ड तय किए गए हैं, जिनमें से 7 वार्ड ओबीसी महिला के पास रहेंगे। इसके अलावा 22 वार्ड सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं।

मूण्डवा, कोटा और अजमेर निकाय आरक्षण के आंकड़े जारी

राज्य के अन्य निकायों में भी वार्डों की स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। नागौर जिले की मूण्डवा नगरपालिका के 25 वार्डों में एससी वर्ग के लिए 4 वार्ड (13 नंबर एससी महिला), ओबीसी के लिए 5 वार्ड (2 महिला) और 5 वार्ड ओपन महिला के लिए आरक्षित हुए हैं। वहीं कोटा नगर निगम के 100 वार्डों में 18 एससी, 5 एसटी और 20 ओबीसी वार्ड रखे गए हैं। अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों में 20 अनुसूचित जाति, 2 अनुसूचित जनजाति और 16 ओबीसी श्रेणी के लिए आरक्षित किए गए हैं। आरक्षण की घोषणा के बाद से ही विभिन्न राजनीतिक दलों में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं।