आईपीएल खिताब जीतने के बाद आरसीबी के कोच का बड़ा बयान: भुवनेश्वर कुमार के प्रदर्शन को लेकर कही बड़ी बात

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के हेड कोच एंडी फ्लावर ने टीम की ऐतिहासिक कामयाबी को लेकर बड़ा बयान दिया है। सोमवार को बातचीत के दौरान उन्होंने साफ किया कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के लगातार दो सीजन में चैंपियन बनने के पीछे अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का बहुत बड़ा योगदान रहा है। कोच के मुताबिक, भुवी की प्रेशर सिचुएशन (दबाव की स्थिति) को संभालने की अद्भुत क्षमता ने आरसीबी को लगातार दूसरी बार खिताब जिताने में रीढ़ की हड्डी का काम किया। गौरतलब है कि रविवार को खेले गए आईपीएल 2026 के एकतरफा खिताबी मुकाबले में बेंगलुरु ने 5 विकेट से बाजी मारकर लगातार दूसरी बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था।

भुवनेश्वर कुमार का जादुई स्पेल और आंकड़ों में दबदबा

एंडी फ्लावर ने 36 वर्षीय भारतीय स्विंग मास्टर भुवनेश्वर कुमार की जमकर तारीफ की। आंकड़ों पर नजर डालें तो भुवी ने पिछले दो सीजन में आरसीबी के लिए मैच जिताऊ प्रदर्शन किया है। साल 2025 के आईपीएल सीजन में जहां उन्होंने 17 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया था, वहीं आईपीएल 2026 में उन्होंने खतरनाक गेंदबाजी करते हुए कुल 28 विकेट चटकाए। वे इस सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज यानी ‘पर्पल कैप’ विजेता कागिसो रबाडा (गुजरात टाइटन्स) से महज एक विकेट पीछे रह गए। कोच ने दोटूक कहा कि अगर भुवी नाजुक मौकों पर टीम के लिए विकेट नहीं निकालते, तो आरसीबी के लिए लगातार दो बार चैंपियन बनना नामुमकिन था।

ड्रेसिंग रूम में सीनियर खिलाड़ियों का शांत मिजाज बना ताकत

जिम्बाब्वे के पूर्व दिग्गज कप्तान एंडी फ्लावर ने बताया कि आरसीबी के ड्रेसिंग रूम में ऐसे दिग्गजों की मौजूदगी का टीम को जबरदस्त फायदा मिला है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े मैचों का दबाव झेल चुके हैं। उन्होंने कहा, "हम भाग्यशाली हैं कि हमारे पास कुछ ऐसे सीनियर खिलाड़ी हैं जो मैदान के साथ-साथ ड्रेसिंग रूम में भी बेहद शांत और सकारात्मक माहौल बनाए रखते हैं। उनका यही संयम पूरी टीम में आत्मविश्वास का संचार करता है।" कोच ने इस मामले में विराट कोहली के नेतृत्व की सराहना करने के साथ-साथ जोश हेजलवुड और क्रुणाल पंड्या जैसे गेंदबाजों को भी जीत का बड़ा श्रेय दिया।

आईपीएल का दबाव विश्व कप और एशेज जैसा

एंडी फ्लावर ने आईपीएल में खिलाड़ियों पर होने वाले मानसिक दबाव की तुलना दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट्स से की। उनके अनुसार, आईपीएल के नॉकआउट और फाइनल मैचों का प्रेशर बिल्कुल वैसा ही होता है जैसा कोई खिलाड़ी विश्व कप के प्लेऑफ या इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली एशेज सीरीज के दौरान महसूस करता है। ऐसे कठिन हालातों में जिन खिलाड़ियों के पास पहले से अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का तजुर्बा होता है, उनका आत्मविश्वास अन्य युवाओं की तुलना में कहीं अधिक मजबूत होता है। इसी तजुर्बे और गहरे तालमेल के दम पर आरसीबी ने एक बार फिर आईपीएल में अपना परचम लहराया है।