तिरुवनंतपुरम
राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने गुरुवार को राजभवन में आयोजित एक विशेष समारोह में केरल के नए राज्यपाल के रूप में शपथ ली। केरल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नितिन मधुकर जामदार ने राज्यपाल को सुबह 10.30 बजे शपथ दिलाई। राज्यपाल ने भगवान के नाम पर शपथ ली और राज्य के 23वें राज्यपाल बन गए।
समारोह में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, विधानसभा अध्यक्ष एएन शमसीर, विपक्ष के नेता वीडी सतीसन, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं एआईसीसी कार्यसमिति के सदस्य रमेश चेन्निथला, मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव, वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी, रक्षा अधिकारी, वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता भी शामिल हुए।
श्री अर्लेकर अपनी पत्नी अनघा अर्लेकर के साथ बुधवार शाम हवाई अड्डे पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। शपथ ग्रहण समारोह के बाद, राजभवन में चाय पार्टी का आयोजन किया गया। श्री अर्लेकर ने आरिफ मोहम्मद खान की जगह ली है, जिन्हें बिहार के राज्यपाल के रूप में शपथ दिलाई गई है। गोवा सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं गोवा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र अर्लेकर बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं।
उन्होंने विभिन्न पदों पर कार्य किया। इनमें गोवा औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष, गोवा राज्य अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग वित्तीय विकास निगम के अध्यक्ष, दक्षिण गोवा के भाजपा अध्यक्ष शामिल हैं। 2021 में उन्हें हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया और बाद में वे बिहार के राज्यपाल बनें।

More Stories
असम सरकार का बड़ा प्रस्ताव, एक से ज्यादा शादी करने वालों पर सरकारी सुविधाओं की रोक
पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका, सजा बरकरार
उपचुनाव से पहले बीजेपी को झटका, अभिषेक बंटी ने नामांकन लिया वापस