मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के अंतर्गत आने वाले नौचंदी थाना क्षेत्र में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक विदेशी महिला सार्वजनिक स्थान पर लोगों से चंदा और आर्थिक सहायता मांगती हुई नजर आई। महिला को सीरिया का निवासी बताया जा रहा है, जिसकी उम्र 35 वर्ष के आसपास है। विदेशी नागरिक द्वारा इस तरह सरेराह मदद मांगने की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं और महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
तख्ती पर अंग्रेजी में लिखी थी बेबसी की कहानी
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह सीरियाई महिला अपने हाथ में अंग्रेजी भाषा में लिखा हुआ एक बड़ा सा बोर्ड (प्लेकार्ड) लेकर राहगीरों से पैसे मांग रही थी। उस तख्ती पर लिखा था कि वह युद्धग्रस्त देश सीरिया की रहने वाली है और इस समय बेहद लाचार है। उसने बोर्ड के जरिए लोगों को बताया कि उसके पति का एक्सीडेंट हो गया है और उनके इलाज के लिए उसे भारी-भरकम रकम की सख्त जरूरत है। सड़क पर विदेशी महिला को इस हाल में देख कुछ प्रबुद्ध नागरिकों ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी, जिसके बाद नौचंदी पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को थाने ले आई।
पति के इलाज के लिए दिल्ली आने का किया दावा
महिला सुरक्षाकर्मियों और दुभाषिए (ट्रांसलेटर) की मौजूदगी में हुई शुरुआती पूछताछ में महिला ने अपना नाम फनादी बताया है। उसने सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी दी है कि वह अपने गंभीर रूप से बीमार पति के इलाज के सिलसिले में ही वीजा लेकर भारत आई है। महिला का दावा है कि उसके पति के पैरों में बेहद गंभीर चोटें आई हैं, जिसके चलते वे वर्तमान में देश की राजधानी दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में उपचाराधीन हैं। अस्पताल और दवाइयों का भारी खर्च उठाने में असमर्थ होने के कारण वह आर्थिक मदद जुटाने के मकसद से सड़कों पर उतरी थी।
वीजा शर्तों के उल्लंघन और सुरक्षा पहलुओं पर संयुक्त जांच
थाने में महिला को रखे जाने के बाद स्थानीय पुलिस के साथ-साथ इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) की संयुक्त टीमों ने भी उससे काफी लंबी और बिंदुवार पूछताछ की। जांच अधिकारी फिलहाल उसके पासपोर्ट, यात्रा संबंधी जरूरी दस्तावेजों, भारत आने की वास्तविक तारीख और वीजा के प्रकार की गहनता से स्क्रूटनी कर रहे हैं।
पुलिस के आला अफसरों का कहना है कि शुरुआती तौर पर महिला के पास मेडिकल वीजा होने की बात सामने आई है। हालांकि, कूटनीतिक नियमों और मेडिकल वीजा की शर्तों के तहत किसी भी विदेशी नागरिक को बिना पूर्व सूचना या तय प्रशासनिक अनुमति के एक शहर से दूसरे शहर जाने अथवा सार्वजनिक रूप से धन इकट्ठा करने (फंड रेजिंग) की मनाही होती है। एजेंसियां अब इसी तकनीकी और सुरक्षात्मक पहलू को केंद्र में रखकर अपनी तफ्तीश आगे बढ़ा रही हैं।
इस संवेदनशील मामले पर आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए पुलिस अधीक्षक नगर (SP City) विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि विदेशी महिला को सुरक्षा घेरे में लेकर पूछताछ की जा रही है। उसके दूतावास (एम्बेसी) से भी संपर्क साधकर दस्तावेजों का सत्यापन कराया जा रहा है। पूरी जांच रिपोर्ट सामने आने और वीजा शर्तों के उल्लंघन की पुष्टि होने के बाद ही नियमानुसार अगली कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

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