नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में 'एसआईआर के खिलाफ मार्च' के दौरान दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। यह विरोध मार्च मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में आयोजित किया गया था और प्रदर्शनकारी भारत निर्वाचन आयोग मुख्यालय की तरफ बढ़ रहे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम कथित तौर पर हटाए जाने का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
वरिष्ठ नेताओं और संगठनों की सक्रिय भागीदारी
आयोजित विरोध प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने 'इस्तीफा दो' और 'वोट चोरी बर्दाश्त नहीं' जैसे नारों के साथ अपना आक्रोश प्रकट किया। इस मार्च में वरिष्ठ सीपीआई(एम) नेता वृंदा करात भी शामिल हुईं। उनके साथ ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक वीमेंस एसोसिएशन और ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन के सदस्यों ने भी प्रमुखता से हिस्सा लिया और चुनाव आयोग की नीतियों का विरोध जताया।
निर्वाचन आयोग मुख्यालय की ओर बढ़ रहा था मार्च
यह विरोध प्रदर्शन गोल डाक खाना के पास स्थित कालीबाड़ी मार्ग और भाई वीर सिंह मार्ग के चौराहे से प्रारंभ हुआ था। प्रदर्शनकारी एकजुट होकर निर्वाचन आयोग मुख्यालय की तरफ आगे बढ़ रहे थे, परंतु पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें रास्ते में ही रोक दिया और स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

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