चंडीगढ़: हरियाणा के उच्चतर शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी कॉलेजों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के 6 राजकीय महाविद्यालयों में पूरी तरह से नए कोर्स शुरू करने और 21 अन्य कॉलेजों में नए विषयों को शामिल करने की आधिकारिक घोषणा की गई है। विभाग के अनुसार, इन सभी नए विषयों और पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रभावी होगी। जो भी छात्र इन कोर्सेज में एडमिशन लेना चाहते हैं, वे आगामी 30 जून तक अपना आवेदन फॉर्म जमा कर सकते हैं।
रोजगारपरक शिक्षा पर फोकस, पंचकूला को मिलीं सबसे ज्यादा सीटें
उच्चतर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा जारी आदेशों के मुताबिक, भिवानी, झज्जर, पंचकूला और सोनीपत के कॉलेजों में अंडर ग्रेजुएट (UG) और पोस्ट ग्रेजुएट (PG) स्तर के नए कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। इनमें एमएससी, बीएससी ऑनर्स और कई व्यावसायिक (प्रफेशनल) कोर्स शामिल हैं।
इस बदलाव में सबसे बड़ा फायदा पंचकूला के सेक्टर-1 स्थित राजकीय कॉलेज को मिला है, जहाँ चार नए ऑनर्स कार्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। इन सभी कोर्सेज में प्रति कोर्स 80-80 सीटें तय की गई हैं। विभाग का कहना है कि यह कदम छात्रों की मांग और रोजगार के अवसरों को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
इन कॉलेजों में शुरू होंगे नए पोस्ट ग्रेजुएट और ऑनर्स कोर्स
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिन प्रमुख कॉलेजों में नए पाठ्यक्रम शुरू हो रहे हैं, उनकी सूची इस प्रकार है:
| कॉलेज का नाम | कोर्स का नाम | कुल सीटें |
| गवर्नमेंट कॉलेज, लोहारू (भिवानी) | एमएससी केमिस्ट्री | 40 |
| जीसीडब्ल्यू, बेहल (भिवानी) | एमएससी मैथमेटिक्स | 40 |
| गवर्नमेंट कॉलेज, दुबलधन (झज्जर) | बीएससी फिजिकल साइंस | 40 |
| गवर्नमेंट कॉलेज, बादली (झज्जर) | रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस | 40 |
| राजकीय महाविद्यालय, सेक्टर-1 पंचकूला | बीए इंग्लिश (ऑनर्स) | 80 |
| राजकीय महाविद्यालय, सेक्टर-1 पंचकूला | बीए ज्योग्राफी (ऑनर्स) | 80 |
| राजकीय महाविद्यालय, सेक्टर-1 पंचकूला | बीए एप्लाइड साइकोलॉजी (ऑनर्स) | 80 |
| राजकीय महाविद्यालय, सेक्टर-1 पंचकूला | बीएससी फिजिक्स (ऑनर्स) | 80 |
| जीसीडब्ल्यू, गोहाना (सोनीपत) | पीजीडीसीए | 40 |
| जीसीडब्ल्यू, गोहाना (सोनीपत) | एमएससी केमिस्ट्री | 40 |
कॉलेजों में स्नातक स्तर पर शामिल हुए नए विषय
नए पाठ्यक्रमों के अलावा कई कॉलेजों में स्थानीय मांग के आधार पर नए विषय भी जोड़े गए हैं। करनाल के जीसीडब्ल्यू पाढ़ा में अब संस्कृत और सोनीपत के राजकीय कन्या महाविद्यालय, खरखौदा में मनोविज्ञान (Psychology) विषय की पढ़ाई शुरू होगी।
इसके साथ ही, राज्य के 13 प्रमुख कॉलेजों (जैसे अंबाला कैंट, भिवानी, फरीदाबाद, गुरुग्राम, हिसार, जींद, झज्जर, कैथल, करनाल, नारनौल, पंचकूला, रोहतक और सिरसा) में बीएससी फिजिकल साइंस के पाठ्यक्रम के तहत अब इलेक्ट्रॉनिक्स विषय को भी अनिवार्य विकल्प के रूप में मंजूरी दे दी गई है। वहीं, आदमपुर (हिसार) और मटक माजरी (करनाल) के कॉलेजों में बायोटेक्नोलॉजी की शुरुआत की जा रही है। डॉ. भीम राव अंबेडकर राजकीय कॉलेज में भी केमिस्ट्री और फिजिक्स ऑनर्स के साथ अब इलेक्ट्रॉनिक्स को जोड़ दिया गया है।
कम छात्र संख्या होने पर बंद हो सकते हैं कोर्स: विभाग की चेतावनी
उच्चतर शिक्षा विभाग ने इस संबंध में एक कड़ा नियम भी जारी किया है। आदेश के अनुसार, यदि किसी नए कोर्स या विषय में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या 20 से कम रहती है, तो संबंधित यूनिवर्सिटी की अनुमति लेकर उस कोर्स को बंद किया जा सकता है। सभी प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एआईसीटीई (AICTE) और संबंधित विश्वविद्यालयों से जरूरी स्वीकृतियां समय पर पूरी कर लें। विभाग सितंबर 2026 में दाखिलों के अंतिम आंकड़ों के आधार पर इन सभी नए प्रोग्राम्स की दोबारा समीक्षा करेगा।
अधिकारियों का पक्ष:
कैथल के जिला नोडल अधिकारी डॉ. मनोज भांबू ने बताया कि प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में नए कोर्सेज का आना युवाओं के भविष्य के लिए एक बेहतरीन अवसर है। छात्रों को इन रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों का लाभ उठाना चाहिए और अंतिम तारीख से पहले बढ़-चढ़कर आवेदन करना चाहिए।

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