हंगामे के बाद आज अनुपूरक बजट पर चर्चा की तैयारी, सपा विधायकों के निलंबन से बढ़ा सियासी पारा

लखनऊ| उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा मंगलवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश किया गया। इस महत्वपूर्ण अनुपूरक बजट पर बुधवार को सदन में चर्चा होने के आसार हैं। मंगलवार को जैसे ही बजट पेश करने के पश्चात मुख्यमंत्री सदन में अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए, विपक्षी दलों के विधायकों ने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले पर तत्काल चर्चा कराए जाने की मांग को लेकर भारी हो-हल्ला और नारेबाजी शुरू कर दी। बढ़ते हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी थी।

मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान सदन में हंगामा, सपा विधायक निलंबित

मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। भारी शोर-शराबे और विरोध के बीच ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना वक्तव्य देना शुरू किया, लेकिन समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक वेल में आकर लगातार नारेबाजी करते रहे। मुख्यमंत्री जब महज पांच मिनट ही बोल पाए थे, तभी सपा विधायक सचिन यादव ने अपनी सीट पर खड़े होकर एक पोस्टर लहराना शुरू कर दिया। उस पोस्टर पर मुख्यमंत्री की तस्वीर के साथ कुछ नारे लिखे हुए थे, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कड़ी आपत्ति जताई।

अध्यक्ष ने सपा विधायक सचिन यादव को सदन की गरिमा बनाए रखने की चेतावनी दी और ऐसा न करने पर पहले निलंबन तथा फिर बर्खास्त करने तक की बात कही। इसके बावजूद जब विधायक नहीं माने, तो अध्यक्ष ने उनके निलंबन की औपचारिक घोषणा कर दी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सदन में तुरंत मार्शलों को बुलाना पड़ा। इस दौरान सपा की महिला विधायकों ने घेराबंदी कर ली और सदन के भीतर धक्का-मुक्की की नौबत आ गई, जिसके बाद महिला मार्शलों को भी मौके पर बुलाया गया।

हंगामा और तनाव बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इस घटनाक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करीब दो मिनट तक अपनी सीट पर बैठे रहे। विपक्ष की नारेबाजी के जवाब में सत्ता पक्ष यानी बीजेपी के विधायक भी अपनी सीटों पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे, जिससे सदन में कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया। बाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के सदन से जाने के बाद स्थिति सामान्य हुई।

निलंबन के बाद चौधरी चरण सिंह प्रतिमा के पास धरने पर बैठे सचिन यादव

विधानसभा से निलंबित किए जाने के बाद सपा विधायक सचिन यादव सदन से बाहर आए और परिसर में स्थित पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के समक्ष धरने पर बैठ गए। कुछ ही देर में उनके समर्थन में पार्टी के अन्य विधायक भी वहां पहुंच गए। विधायकों ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि वे सदन में 'चंदा चोरी' के गंभीर मसले पर खुली चर्चा चाहते हैं, लेकिन सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर बोलने से कतरा रही है और सच को दबाना चाहती है।

अनुपूरक बजट में शिक्षा, उद्योग, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर

सदन में हंगामे के बीच योगी सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पटल पर रखा। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा प्रस्तुत 59,019.54 करोड़ रुपये के इस अनुपूरक बजट में औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर), शिक्षा और ग्राम विकास को प्राथमिकता दी गई है।

इस बजट में भारी व मध्यम उद्योग, ग्रामीण विकास, ऊर्जा और लोक निर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को मिलाकर लगभग 47, हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है, जो कुल अनुपूरक बजट का करीब 79 प्रतिशत है। यह नया अनुपूरक बजट इस वर्ष के मूल बजट का 6.47 प्रतिशत है। इसमें सबसे अधिक हिस्सा भारी व मध्यम उद्योग विभाग को 22,107.88 करोड़ रुपये के रूप में आवंटित किया गया है।

इसके अतिरिक्त, ग्राम विकास विभाग को 17,942.73 करोड़ रुपये मिले हैं, जिससे ग्रामीण आजीविका मिशन, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और गांवों में अटके विकास कार्यों को गति दी जाएगी। वहीं, ऊर्जा विभाग को 7,422.27 करोड़, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को 2,000.25 करोड़, शिक्षा विभाग को 1,600 करोड़ से अधिक, समाज कल्याण विभाग को 1,655 करोड़ रुपये तथा सड़कों व पुलों के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) को 700.01 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं।

प्रदेश में महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और उनके कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महिला कल्याण विभाग के लिए 1,094.40 करोड़ रुपये की राशि तय की गई है। सरकार का कहना है कि नई मांगों के एवज में दिए गए 7,854.25 करोड़ रुपये से राज्य में नई विकास परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाने के साथ-साथ पहले से चल रही जनहितकारी योजनाओं को भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकेगा।