रायपुर : प्रत्येक व्यक्ति के मन में एक सपना रहता है कि उसका खुद का आशियाना हो जिसमें वह सुकून की नींद ले सकें। कोरबा जिले के सीमावर्ती ग्राम काटाद्वारी में रहने वाले लगभग 50 वर्षीय ग्रामीण महेत्तर राम के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना किसी वरदान से कम नहीं साबित हुई है। दोनों पैरों से चल पाने में असमर्थ महेत्तर राम अब अपने परिवार के साथ पक्के घर में सुरक्षित जीवन जी रहे हैं।
महेत्तर राम ने बताया कि उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है और वे अपने दो बेटों के साथ जीवनयापन कर रहे हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनका कच्चा मकान वर्षों तक पक्का नहीं हो सका। बारिश के मौसम में घर की छत टपकती थी और परिवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। ऐसे में हर बरसात उनके लिए चिंता और कठिनाइयों का कारण बन जाती थी।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जब उनके नाम आवास स्वीकृत हुआ और किस्त की राशि मिली, तो उन्होंने तुरंत पक्का मकान बनवाने का कार्य शुरू कराया। आज उनका सपना पूरा हो चुका है। अब उनके सिर पर मजबूत छत है और बरसात के दिनों में पानी टपकने या मकान ढहने का डर नहीं रहेगा।
महेत्तर राम के बेटे अनिल केंवट ने बताया कि उनके पिता बीमारी के बाद दोनों पैरों से चलने-फिरने में असमर्थ हो गए हैं। परिवार की आजीविका चलाने के लिए वे गांव-गांव जाकर मिठाई बेचते हैं। सीमित आय में घर का खर्च चलाना ही मुश्किल था, ऐसे में पक्का मकान बनवाना उनके लिए एक अधूरा सपना बनकर रह गया था।
अनिल ने भावुक होकर कहा कि उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी कि उनका कच्चा घर भी एक दिन पक्के मकान में बदल जाएगा। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना ने यह सपना साकार कर दिया। अब परिवार को बरसात में पानी टपकने, दीवार गिरने या असुरक्षित घर में रहने की चिंता नहीं रहेगी। आज महेत्तर राम का परिवार अपने नए पक्के घर में सुकून और सम्मान के साथ जीवन जी रहा है।

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