August 13, 2026

यूथ पार्लियामेंट में गरमाई सियासत, CM मोहन यादव बोले- छात्रों के मुद्दे पर राजनीति कर रहे राहुल गांधी

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित विधानसभा सभागार में आयोजित 'संसद यूथ पार्लियामेंट 2.0' के भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश भर से आए युवाओं को संबोधित करते हुए उन्हें लोकतंत्र, संसदीय परंपराओं और राष्ट्र निर्माण में बढ़-चढ़कर अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया है। इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए युवा प्रतिनिधियों ने बड़े उत्साह के साथ हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने अलग-अलग प्रान्तों से पहुंचे युवाओं की उपस्थिति को 'मिनी इंडिया' (लघु भारत) की एक खूबसूरत तस्वीर करार दिया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ समेत देश के 58 से अधिक प्रमुख शहरों और कस्बों से युवा प्रतिनिधि पहुंचे थे। विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ एनएसएस (NSS), एनसीसी (NCC), विभिन्न युवा संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े युवाओं ने संसदीय कार्यप्रणाली, नीति निर्माण और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

युवा देश की सबसे बड़ी ताकत: सीएम मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की युवा आबादी इस देश की सबसे बड़ी और ऊर्जावान शक्ति है। युवाओं का दायरा केवल डॉक्टर, इंजीनियर या वकील तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें राजनीति, नीति-निर्माण, कृषि और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के साथ नई पीढ़ी का जुड़ाव देश के लोकतंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा। सीएम ने कहा कि विद्यार्थियों और बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ हमारी प्राचीन संसदीय परंपराओं, नागरिक अधिकारों और मूल कर्तव्यों की भी स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए। इसी महत्वपूर्ण उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विधानसभा में इस 'यूथ पार्लियामेंट' का आयोजन किया गया है, ताकि युवा नजदीक से समझ सकें कि संसद और विधानसभाएं कैसे काम करती हैं और भविष्य में वे लोकतंत्र को मजबूत करने में अपना योगदान कैसे दे सकते हैं।मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश को 'देश का हृदय प्रदेश' बताते हुए कहा कि यहां की युवा ऊर्जा पूरे उत्साह और सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के संदर्भ में भी चर्चा की और इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया।

विपक्ष पर साधा निशाना

कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना मुख्यमंत्री ने उन पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में संसद सबसे बड़ी और पवित्र शक्ति है। संसद सत्र के दौरान सदन के भीतर हंगामा करना, किसी की बात सुनने से इंकार करना और चर्चा से भागना लोकतांत्रिक परंपराओं के बिल्कुल अनुकूल नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग छात्रों से जुड़े मुद्दों पर भी केवल अपनी राजनीति चमका रहे हैं और बदले की भावना के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे रवैये के लिए देश की जनता और युवाओं से माफी मांगी जानी चाहिए।

समान नागरिक संहिता (UCC) पर दो-टूक बात

समान नागरिक संहिता यानी 'यूसीसी' (UCC) के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 'सर्वधर्म समभाव' का वास्तविक अर्थ सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और एक समान कानूनी व्यवस्था होना है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो कानूनी अधिकार और सुरक्षा देश की हिंदू महिलाओं को प्राप्त हैं, वही अधिकार हमारी मुस्लिम बहनों को भी मिलने चाहिए। सीएम ने दावा किया कि आज देश की बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं भी सभी के लिए एक समान कानून की वकालत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि देश में लंबे समय तक यूसीसी जैसे मुद्दों पर सिर्फ वोट बैंक की गंदी राजनीति की जाती रही है, लेकिन अब बदलता हुआ भारत इन संकीर्ण दीवारों को पार कर चुका है।

राम मंदिर और सामाजिक सौहार्द का जिक्र

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री यादव ने ऐतिहासिक अयोध्या राम मंदिर का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व में इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर समाज में दरार डालने और विवाद पैदा करने की कुत्सित कोशिशें की गईं थीं। उन्होंने इकबाल अंसारी और उनके परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने कानूनी लड़ाई लड़ी, लेकिन देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) के फैसले का पूरे सम्मान के साथ स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने का यह एक बेहतरीन उदाहरण है, जो बदलते और परिपक्व होते भारत की तस्वीर को दर्शाता है।