वोटिंग के बीच EVM पर सियासी घमासान, BJP के बाद TMC ने भी उठाए सवाल

कोलकाता | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के दौरान 142 सीटों पर जारी मतदान के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। तकनीकी खामियों और चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप को लेकर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोनों ने चुनाव आयोग से शिकायतें की हैं।

EVM खराबी से मतदान की गति पर असर

दमदम उत्तर से टीएमसी की दिग्गज उम्मीदवार चंद्रिमा भट्टाचार्य ने वोट डालने के बाद ईवीएम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। दक्षिण कोलकाता के आर्य विद्यालय स्थित बूथ संख्या 126 पर मतदान करने पहुंचीं भट्टाचार्य ने दावा किया कि मशीन में खराबी के कारण वोटिंग की रफ्तार काफी धीमी रही, जिससे मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। बता दें कि चंद्रिमा इस सीट से लगातार तीसरी बार जीत की कोशिश में हैं, जहाँ उनका मुकाबला बीजेपी के सौरव सिकदार और माकपा की दीप्तिसा धर से है।

'नकली EVM' और 'गुंडागर्दी' के गंभीर आरोप

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने टीएमसी पर मतदाताओं को भ्रमित करने और डराने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पूर्व सांसद अर्जुन सिंह ने दावा किया कि नोआपारा विधानसभा के मायापल्ली इलाके में बूथ के ठीक बाहर एक नकली ईवीएम रखी गई थी, जिसके जरिए मतदाताओं को विशेष बटन दबाने के लिए निर्देशित किया जा रहा था। वहीं, एंटली से बीजेपी प्रत्याशी प्रियंका टिबरेवाल ने आरोप लगाया कि स्थानीय गुंडे लोगों को पोलिंग बूथ तक पहुंचने से रोक रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से नियमों को सख्ती से लागू करने की अपील की।

सुवेंदु अधिकारी का ममता बनर्जी पर पलटवार

भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ रहे सुवेंदु अधिकारी ने मतदान केंद्रों का दौरा करने के बाद आत्मविश्वास जताया कि जनता इस बार बदलाव के लिए तैयार है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह हिंदू मतदाताओं को डराने का प्रयास कर रही हैं। अधिकारी ने तंज कसते हुए कहा कि जनता जाग चुकी है और ममता बनर्जी की विदाई तय है।

चुनावी माहौल और सुरक्षा व्यवस्था

विभिन्न स्थानों से छिटपुट झड़पों और तकनीकी शिकायतों के बावजूद, राज्य के कई हिस्सों में मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जहाँ भी ईवीएम में खराबी की रिपोर्ट मिली है, वहां मशीनों को तुरंत बदला जा रहा है ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया बाधित न हो। सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय बलों की गश्त बढ़ा दी गई है।