कोलकाता: टॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नेता कोयल मल्लिक ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर पश्चिम बंगाल के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। कोयल ने जून के महीने में ही ईमेल के जरिए संसद के उच्च सदन से हटने की इच्छा जाहिर की थी, लेकिन तकनीकी कारणों से उस समय उनके इस्तीफे पर कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका था। इस बार किसी ईमेल का सहारा लेने के बजाय अभिनेत्री ने खुद दिल्ली पहुंचकर व्यक्तिगत रूप से अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इस दौरान उनके पति और मशहूर फिल्म निर्माता निशपाल सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे। इस औचक इस्तीफे के बाद से ही कोयल मल्लिक के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की अटकलें बेहद तेज हो गई हैं, हालांकि अभी तक न तो भाजपा और न ही अभिनेत्री की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने आया है।
तृणमूल के टिकट पर तय किया था संसद तक का सफर
कोयल मल्लिक ने इसी साल 6 अप्रैल को देश की राजधानी दिल्ली में राज्यसभा सांसद के तौर पर गोपनीयता की शपथ ली थी। संसद सदस्य के रूप में अपने नए सफर की शुरुआत करने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने पूरे परिवार के साथ एक भावुक तस्वीर साझा की थी। उन्होंने लिखा था कि वह बंगाल की जनता की सेवा करने का अवसर पाकर बेहद सम्मानित महसूस कर रही हैं। उस समय मीडिया से बात करते हुए कोयल ने खुद को देश और समाज के प्रति समर्पित करने का संकल्प भी जताया था। इसके बाद वे पार्टी के लिए चुनाव प्रचार में भी काफी सक्रिय नजर आईं, लेकिन हालिया चुनावी नतीजों में उम्मीद के मुताबिक परिणाम न मिलने के बाद से उन्होंने राजनीतिक मुद्दों पर पूरी तरह चुप्पी साध ली थी।
विदेश यात्रा से वापस आते ही खुद सौंपना पड़ा त्यागपत्र
सांसदी छोड़ने का यह घटनाक्रम अचानक जून की शुरुआत में तब शुरू हुआ, जब कोयल ने डिजिटल माध्यम से अपना इस्तीफा भेजने की कोशिश की। उस समय राज्यसभा सचिवालय की ओर से उन्हें स्पष्ट कर दिया गया था कि नियमों के मुताबिक ईमेल के जरिए भेजे गए इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया जा सकता और इसके लिए व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य है। इसी बीच कुछ बेहद निजी कारणों के चलते कोयल मल्लिक को देश से बाहर जाना पड़ा, जिसकी वजह से उनके इस्तीफे की प्रक्रिया अधर में लटक गई थी। अब विदेश दौरे से वापस लौटते ही कोयल ने बिना वक्त गंवाए बुधवार को खुद उपस्थित होकर आधिकारिक तौर पर अपना त्यागपत्र दे दिया है, जिसने राज्य की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे दिया है।

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