September 5, 2026

झारखंड पेपर लीक को लेकर सियासी संग्राम, BJP ने कांग्रेस पर साधा सीधा निशाना

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता व सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने दिल्ली में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान झारखंड की सहायक वन संरक्षक (ACF) और वन क्षेत्र पदाधिकारी (FRO) की परीक्षाओं में हुई धांधली को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों से स्पष्ट होता है कि प्रश्नपत्रों वाले स्ट्रॉन्ग रूम में सीधे तौर पर सेंधमारी की गई। प्रश्नपत्रों को बाहर निकालकर उनमें हेरफेर की गई, जो इसे महज सामान्य पेपर लीक नहीं बल्कि एक संगठित 'पेपर लूट' सिद्ध करता है।

परीक्षा धांधली पर विपक्ष की चुप्पी पर दागे सवाल

सुधांशु त्रिवेदी ने परीक्षा के मुद्दे पर विपक्षी दलों के दोहरे रवैये पर कड़ा प्रहार किया:

  • 'गांधी के तीन बंदर' की संज्ञा: उन्होंने कहा कि देश के अन्य हिस्सों में परीक्षा सुधारों की बात करने वाले विपक्षी नेता झारखंड की इस भीषण गड़बड़ी पर 'गांधी के तीन बंदरों' की तरह मौन साधे हुए हैं।

  • युवाओं में भारी रोष: भाजपा सांसद ने दावा किया कि इस आपराधिक चुप्पी के कारण झारखंड ही नहीं, बल्कि संपूर्ण देश के अभ्यर्थियों के भीतर गहरा आक्रोश पनप रहा है।

कांग्रेस में महिला प्रतिनिधित्व और नेतृत्व को लेकर घेरा

परीक्षा विवाद के अतिरिक्त सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस शासित राज्यों में महिला मंत्रियों की कम संख्या पर भी सवाल खड़े किए:

  • महिला प्रतिनिधित्व में कमी: उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कुल चार राज्यों में सत्ता में है, किंतु वहां केवल तीन महिला मंत्री ही कार्यरत हैं। राहुल गांधी के 'पितृसत्ता अंत' के नारों के विपरीत कांग्रेस में महिला नेताओं को दरकिनार किया जा रहा है।

  • पार्टी नेतृत्व पर टिप्पणी: उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से आग्रह किया कि वे अपनी वरिष्ठता का परिचय देते हुए राहुल गांधी का उचित मार्गदर्शन करें, न कि केवल उनके निर्देशों का पालन करें।

विपक्ष की विचारधारा और राजनीति पर तीखा प्रहार

पत्रकार वार्ता के अंत में सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी की राजनीतिक विचारधारा पर बेहद कड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ कांग्रेस सनातन संस्कृति और प्रशासनिक पारदर्शिता के सिद्धांतों की अनदेखी कर रही है, तो दूसरी तरफ परीक्षा घोटालों और तुष्टिकरण के मामलों पर चुप्पी साधे हुए है। भाजपा ने इन दोनों विषयों के माध्यम से झारखंड के अभ्यर्थियों के अधिकारों और कांग्रेस की आंतरिक नीतियों को लेकर विपक्ष को कटघरे में खड़ा किया है।