रायपुर: आगामी नवरात्रि पर्व और जगह-जगह स्थापित होने वाली माता की मूर्तियों व गरबा आयोजनों को ध्यान में रखते हुए राजधानी रायपुर में बैठकों का दौर तेजी से शुरू हो गया है। गरबा के शानदार आयोजनों को सुचारू और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस ली है। इसी कड़ी में डीसीपी सेंट्रल तारकेश्वर पटेल ने शहर के सभी बड़े गरबा आयोजकों के साथ एक विशेष बैठक की। इस बैठक के दौरान सुरक्षा प्रबंधों, भीड़ प्रबंधन (क्राउड मैनेजमेंट) और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के संबंध में बहुत ही सख्त और स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।
अनुमति पत्र की शर्तों का पालन करना होगा अनिवार्य
डीसीपी ने दोटूक शब्दों में स्पष्ट किया कि गरबा पंडालों के लिए जारी होने वाले अनुमति पत्र में लिखी गई हर एक शर्त का पालन करना प्रत्येक आयोजक के लिए पूरी तरह अनिवार्य होगा। डीसीपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भी आयोजक तय नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसकी अनुमति तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी जाएगी और उसके खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से सुरक्षा की एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की गई है, जिसे सभी आयोजकों को सख्ती से फॉलो करना होगा।
गरबा आयोजनों के लिए तय किए गए ये जरूरी नियम और दिशा-निर्देश
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सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था: हर एक गरबा स्थल पर पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगवाना अनिवार्य होगा और कैमरों की रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखना होगा। इसके अलावा, पुरुष और महिला वालंटियर अलग से रखने के साथ-साथ निजी (प्राइवेट) सुरक्षा गार्ड भी तैनात करने होंगे। इन सभी की पूरी सूची संबंधित स्थानीय थाने में जमा करानी होगी।
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एंट्री और एग्जिट प्लान: पंडाल के भीतर प्रवेश (एंट्री), निकास (एग्जिट) और आपातकालीन (इमरजेंसी) गेट पूरी तरह खुले और स्पष्ट होने चाहिए। पंडाल के अंदर भीड़ निर्धारित क्षमता से अधिक नहीं होनी चाहिए। पार्किंग की व्यवस्था इस प्रकार की जानी चाहिए कि मुख्य मार्ग पर किसी भी प्रकार का ट्रैफिक जाम न लगे।
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डीजे और साउंड सिस्टम पर सख्ती: गरबा का आयोजन केवल निर्धारित समय और तयशुदा जगह पर ही किया जाएगा। डीजे और साउंड सिस्टम केवल अनुमति में दिए गए समय सीमा तक और ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों के दायरे में ही बजाए जा सकेंगे।
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हथियार और नशीले पदार्थों पर पूर्ण प्रतिबंध: गरबा स्थल के अंदर किसी भी प्रकार का धारदार हथियार, ज्वलनशील पदार्थ, शराब या अन्य कोई भी नशीली वस्तु ले जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
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सुरक्षा उपकरण और जिम्मेदारी: प्रत्येक पंडाल में अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) और फर्स्ट एड बॉक्स रखना अनिवार्य होगा। आयोजन के दौरान कम से कम दो जिम्मेदार पदाधिकारी पंडाल में हर वक्त मौजूद रहेंगे।
पुलिस प्रशासन की ओर से यह भी सख्त हिदायत दी गई है कि गरबा के दौरान किसी भी प्रकार की अश्लील, भड़काऊ या सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली कोई प्रस्तुति नहीं होनी चाहिए। किसी भी आपात या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तुरंत पुलिस को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।

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