September 7, 2026

सत्य निकेतन हादसे के बाद एक्शन में पुलिस, फरार बिल्डिंग मालिक हरिराम की तलाश में 10 टीमें

नई दिल्ली। सत्य निकेतन इलाके में बहुमंजिला इमारत गिरने से हुई छह मौतों के बाद पुलिस और प्रशासन ने चौतरफा कार्रवाई तेज कर दी है। हादसे के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी और बिल्डिंग मालिक हरिराम की धरपकड़ के लिए दिल्ली पुलिस ने 10 विशेष टीमें गठित की हैं। पुलिस दिल्ली के अलावा पड़ोसी राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। आरोपी के देश छोड़ने की आशंका के चलते उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) भी जारी किया गया है। वहीं, दिल्ली सरकार ने शहर भर में अवैध और असुरक्षित निर्माणों के खिलाफ बड़े पैमाने पर सीलिंग अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

फरार मालिक की तलाश में 3 राज्यों में 10 टीमों की छापेमारी

आरोपी मकान मालिक हरिराम को दबोचने के लिए दिल्ली पुलिस की 10 अलग-अलग टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इन टीमों की कमान एडिशनल डीसीपी स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है। आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। संभावित ठिकानों की पड़ताल के दौरान आरोपी का एक ठिकाना गुरुग्राम में भी मिला, जहां ताला लटका पाया गया। एयरपोर्ट्स और सुरक्षा चौकियों को अलर्ट करने के लिए पुलिस ने एलओसी जारी कर दी है, ताकि वह विदेश न भाग सके।

प्रशासनिक स्तर पर आपात बैठक और न्यायिक संज्ञान

हादसे की गंभीरता को देखते हुए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने उच्चस्तरीय आपात बैठक बुलाई, जिसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), नगर निगम (एमसीडी) और दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। वहीं दूसरी ओर दिल्ली हाईकोर्ट ने भी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इस पर तत्काल सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि निर्माण में लापरवाही बरतने और निगरानी में नाकाम रहने वाले किसी भी एमसीडी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

अवैध 5 मंजिला इमारतों को सील करने का सख्त आदेश

घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कड़े तेवर अपनाते हुए कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। दिल्ली सरकार ने राजधानी में बिना वैध अनुमति के बनी सभी 5-मंजिला अवैध इमारतों को तत्काल प्रभाव से सील करने का आदेश जारी किया है। इसके अलावा सत्य निकेतन और आसपास के इलाकों में संचालित सभी पीजी (पेइंग गेस्ट) और व्यावसायिक आवासीय परिसरों की सुरक्षा जांच शुरू कर दी गई है।

आसपास के हॉस्टल कराए गए खाली, इमारतों को दिया गया जैक का सहारा

इमारत गिरने के भारी झटके से आसपास के भवनों की दीवारों में गहरी दरारें आ गई हैं, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। किसी संभावित खतरे को टालने के लिए प्रशासन ने निकटवर्ती गर्ल्स हॉस्टल समेत कई इमारतों को एहतियातन खाली करा लिया है। प्रभावित मकानों को गिरने से रोकने के लिए लोहे के भारी-भरकम जैक लगाकर अस्थायी सहारा दिया जा रहा है। बेघर हुए छात्रों के लिए स्थानीय कॉलेजों व सामाजिक संस्थाओं की मदद से ठहरने और भोजन की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।