October 2, 2026

युवाओं के लिए पुलिस का अलर्ट, बैंक अकाउंट किराए पर देना पड़ सकता है भारी

जयपुर। राजस्थान पुलिस ने युवाओं और आम नागरिकों को सावधान करते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण और गंभीर अलर्ट जारी किया है। सोशल मीडिया पर “पार्ट-टाइम जॉब” और “आसान कमाई” के लुभावने विज्ञापनों के जरिए बैंक अकाउंट किराए पर लेने का खेल तेजी से बढ़ रहा है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि चंद रुपयों के लालच में या अनजाने में अपना बैंक खाता, यूपीआई (UPI) या एटीएम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को देना आपको सीधे तौर पर साइबर अपराध का भागीदार बना सकता है।

क्या है 'म्यूल बैंक अकाउंट' स्कैम?

साइबर ठग सोशल मीडिया के माध्यम से बेरोजगार युवाओं और छात्रों को आसानी से निशाना बनाते हैं। वे बैंक अकाउंट किराए पर लेकर हर ट्रांजेक्शन पर कुछ हजार रुपये का कमीशन देने का झांसा देते हैं। पुलिस की भाषा में ऐसे खातों को ‘म्यूल अकाउंट’ (Mule Account) कहा जाता है। इन खातों का इस्तेमाल मुख्य रूप से ऑनलाइन अवैध सट्टेबाजी, साइबर ठगी के पैसे को ठिकाने लगाने और मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) जैसी गंभीर गतिविधियों में किया जाता है।

राजस्थान में तेजी से बढ़ रहे आंकड़े और गिरफ्तारियां

राज्य में यह समस्या किस स्तर तक फैल चुकी है, इसके आंकड़े चौंकाने वाले हैं:

  • बड़े पैमाने पर पहचान: वर्ष 2026 में जनवरी से जुलाई के बीच राजस्थान पुलिस ने 82,000 से अधिक संदिग्ध म्यूल अकाउंट्स की पहचान की है। इस दौरान 723 से अधिक मामले दर्ज कर 650 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

  • प्रमुख खुलासे: नागौर में एक अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश कर 24 लोगों को दबोचा गया, जिनके पास 84 म्यूल खातों के जरिए करोड़ों रुपये घुमाए गए थे। इसके अलावा झालावाड़ (भवानीमंडी) में 53 एटीएम कार्ड और चेक बुक बरामद हुए। जयपुर में 6.80 करोड़ और झुंझुनू में 200 करोड़ रुपये तक के संदिग्ध लेन-देन के बड़े मामले सामने आए हैं।

  • कम कमीशन, भारी सजा: लालच में आकर जिन युवाओं ने महज 8,000 से 15,000 रुपये के कमीशन के लिए अपने खाते किराए पर दिए थे, वे आज जेल की हवा खा रहे हैं क्योंकि फ्रॉड होने पर सबसे पहले खाताधारक की ही गिरफ्तारी होती है।

साइबर जालसाजी से खुद को कैसे बचाएं?

  • खाता या डिटेल्स साझा न करें: अपना बैंक अकाउंट, यूपीआई आईडी, पिन या एटीएम कार्ड कभी भी किसी अजनबी या अनजान व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें।

  • प्रलोभन से बचें: सोशल मीडिया पर आने वाले “घर बैठे आसान कमाई” या “पार्ट-टाइम जॉब” के लुभावने विज्ञापनों के झांसे में बिल्कुल न आएं।

  • तत्काल सूचना दें: यदि कोई व्यक्ति आपको कमीशन का लालच देकर खाता मांगता है, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को दें।

शिकायत दर्ज कराने के लिए संपर्क नंबर

यदि आपके साथ किसी प्रकार का साइबर फ्रॉड हो जाता है या आपको ऐसे कोई संदिग्ध ऑफर मिलते हैं, तो बिना देर किए तुरंत इन माध्यमों से शिकायत दर्ज कराएं:

  • राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर: 1930

  • व्हाट्सएप नंबर: 9256001930 या 9257510100

  • ऑनलाइन पोर्टल: आधिकारिक राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (Cybercrime.gov.in)

राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि छोटे से लालच के चक्कर में अपना भविष्य और करियर दांव पर न लगाएं। 'सतर्कता और जागरूकता' ही साइबर अपराध से बचने का सबसे बड़ा उपाय है।