पटवारी परिवार से जुड़े मामले में पुलिस एक्शन, बिल्डर से लंबी पूछताछ; दस्तावेजों की जांच जारी

इंदौर: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी से जुड़े विवादों और कानूनी कार्रवाइयों का दायरा लगातार विस्तृत होता जा रहा है। राजेंद्र नगर पुलिस द्वारा ड्रग्स तस्करी, वित्तीय लेन-देन, ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क और जमीन सौदों के जुड़े विभिन्न पहलुओं की व्यापक पड़ताल की जा रही है। जांच की इसी कड़ी में पुलिस ने नाना पटवारी के व्यावसायिक साझेदार और कॉलोनाइजर सुमित मंत्री को थाने बुलाकर कई घंटों तक कड़ी पूछताछ की है। इसके अतिरिक्त शुभम वैली कॉलोनी और उससे जुड़ी फर्मों के दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और डायरी आधारित प्लॉट आवंटन की प्रविष्टियों को भी पुलिस द्वारा खंगाला जा रहा है।

प्लॉट एग्रीमेंट और वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपों की जांच

शुभम वैली परियोजना में एक युवती के साथ हुए प्लॉट सौदे के संदर्भ में पुलिस ने संबंधित महिला के अधिकारिक बयान दर्ज किए हैं। शिकायत के अनुसार, डीपीएस स्कूल के पास स्थित एक भूखंड का सौदा तय कर बयाना राशि के रूप में लाखों रुपये का लेन-देन किया गया था, जिसके बदले में डायरियां दी गई थीं। पुलिस अब इन एग्रीमेंट्स, डायरियों के रिकॉर्ड्स और बैंक खातों के वित्तीय ट्रेल की गहनता से तकनीकी जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस पूरी प्रक्रिया में किस प्रकार की अनियमितता या फ्रॉड किया गया था।

ऑनलाइन सट्टा ऐप और बेटिंग सिंडिकेट से जुड़ा कनेक्शन

मामले की जांच के दौरान पुलिस को संदिग्धों के मोबाइल डेटा और डिजिटल चैट से ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क तथा ऑल पैनल जैसे सट्टा प्लेटफॉर्म्स के सुराग मिले हैं। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि संदिग्ध नेटवर्क के लोग क्रिकेट सट्टे के कमीशन एजेंट के रूप में सक्रिय थे। पुलिस ने मोबाइल से मिले डेटा, बैंक खातों की प्रविष्टियों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाते हुए अन्य संदिग्ध सहयोगियों की पहचान की है, जिनकी गिरफ्तारी हेतु लगातार दबिश दी जा रही है।

ड्रग्स मामले से जुड़े तारों पर पुलिस की सख्त नजर

एमडी ड्रग्स और अवैध पदार्थों की आपूर्ति से जुड़े प्रकरणों में पुलिस ने पूर्व में पकड़े गए आरोपियों के मेमोरेंडम और बयानों के आधार पर कड़ियां जोड़ी हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अवैध नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला में कौन-कौन लोग शामिल थे और इसके लिए वित्तीय लेनदेन किन माध्यमों से संपन्न किए जाते थे। कानून-व्यवस्था की दृष्टि से पुलिस प्रशासन द्वारा संबंधित आरोपी और उसके सहयोगियों पर कड़े प्रतिबंधात्मक कदम उठाए गए हैं।

जांच एजेंसियों की कार्रवाई और आगामी वैधानिक कदम

राजेंद्र नगर पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीमें 300 से अधिक प्लॉटों के दस्तावेजों, कई संदिग्ध कंपनियों के रजिस्ट्रेशन और बैंक खातों की गहन पड़ताल कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले के सभी पहलुओं, जैसे कि जमीन सौदों, नशीले पदार्थों के कनेक्शन और ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क का निष्पक्षता से विश्लेषण किया जा रहा है। जांच पूरी होने और ठोस साक्ष्य जुटाए जाने के उपरांत सभी आरोपियों के विरुद्ध विधि सम्मत एवं कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।