नियम तोड़ने वाले 119 भारी वाहनों पर पुलिस का एक्शन

कोरबा: सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कोरबा पुलिस ने अब मैदानी स्तर पर मोर्चा संभाल लिया है। जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के नेतृत्व में चलाए जा रहे “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत भारी वाहनों की सघन जांच की जा रही है। इस विशेष मुहिम के दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले 119 भारी वाहनों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कड़ी चालानी कार्यवाही की गई है, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है।

नियमों की अनदेखी और पुलिस की सख्त घेराबंदी

पुलिस प्रशासन ने इस कार्यवाही से पहले ट्रांसपोर्टरों और वाहन मालिकों के साथ औपचारिक बैठक कर उन्हें सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी दी थी। विशेष रूप से रात के अंधेरे में होने वाली टक्करों को रोकने के लिए वाहनों के पीछे रेडियम पट्टी लगाना अनिवार्य किया गया था। चेतावनी के बावजूद जिन संचालकों ने इन सुरक्षा निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया, उन पर अब पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि सड़क सुरक्षा के मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

औद्योगिक क्षेत्रों में संयुक्त टीम का विशेष धावा

इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए दर्री और कोरबा अनुभागों में पुलिस की संयुक्त टीमों ने एक साथ छापेमारी की। दर्री अनुभाग के अंतर्गत आने वाले एनटीपीसी, कुसमुंडा, दीपका और बाकीमोगरा जैसे प्रमुख औद्योगिक इलाकों में 47 वाहनों के खिलाफ कार्यवाही की गई। वहीं, कोरबा अनुभाग के बालको और उरगा क्षेत्र में मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 104 के तहत रिकॉर्ड 72 वाहनों के चालान काटे गए। पुलिस की इस सक्रियता ने यह साफ कर दिया है कि भारी वाहनों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में निगरानी और सख्त की जाएगी।

सुरक्षा मानकों की अपील और भविष्य की चेतावनी

कोरबा पुलिस ने सभी ट्रांसपोर्टरों और वाहन स्वामियों से एक बार फिर अपील की है कि वे जनहानि को रोकने के लिए अपने वाहनों में अनिवार्य रूप से रेडियम पट्टी और अन्य सुरक्षा उपकरण लगवाएं। पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यह केवल एक दिन की कार्यवाही नहीं है, बल्कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ यह अभियान आने वाले समय में भी निरंतर जारी रहेगा। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य भारी वाहनों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को न्यूनतम स्तर पर लाना और सड़कों को सुरक्षित बनाना है।