पीएम मोदी की घोषणा पर लगी मुहर, आदमपुर एयरपोर्ट को मिला नया नाम

जालंधर। केंद्र सरकार ने पंजाब स्थित आदमपुर हवाई अड्डे का नाम आधिकारिक तौर पर बदलकर 'श्री गुरु रविदास महाराज जी हवाई अड्डा, आदमपुर' करने की प्रशासनिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस ऐतिहासिक और गरिमामयी निर्णय का पंजाब समेत पूरी दुनिया में रह रहे संत रविदास जी के करोड़ों अनुयायियों और श्रद्धालुओं द्वारा जोरदार स्वागत किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब कोर कमेटी के वरिष्ठ सदस्य अविनाश चंद्र क्लेर ने इस फैसले पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए देश के प्रधानमंत्री का विशेष रूप से आभार जताया है। उन्होंने कहा कि यह कदम संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी के मानवता, सामाजिक समरसता, समानता और आपसी भाईचारे के महान संदेशों के प्रति केंद्र सरकार के गहरे सम्मान को प्रदर्शित करता है।

श्रद्धालुओं की आस्था और जनभावनाओं का ऐतिहासिक सम्मान

भाजपा नेता अविनाश चंद्र क्लेर ने रेखांकित किया कि आदमपुर एयरपोर्ट का नामकरण गुरु रविदास महाराज के नाम पर किया जाना वैश्विक स्तर पर बसे करोड़ों भक्तों की धार्मिक भावनाओं और आस्था का सम्मान है। गुरु रविदास जी की पावन वाणी और उनकी जनकल्याणकारी विचारधारा ने हमेशा समाज की कुरीतियों को दूर कर लोगों को एकजुट करने का मार्ग दिखाया है। सरकार का यह दूरदर्शी निर्णय न केवल वर्तमान पीढ़ी को संतों के दिखाए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी उनके उच्च मानवीय आदर्शों और नैतिक मूल्यों से अवगत कराता रहेगा।

जालंधर डेरा बल्लां की यात्रा और प्रधानमंत्री की घोषणा पर लगी मुहर

इस नामकरण की पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए नेताओं ने बताया कि प्रधानमंत्री ने पूर्व में जालंधर स्थित विख्यात धार्मिक स्थल डेरा बल्लां का दौरा किया था। इस यात्रा के दौरान उन्होंने संत समाज से भेंट कर उनके प्रति गहरी कृतज्ञता प्रकट की थी और इसी पावन परिसर से आदमपुर हवाई अड्डे का नाम बदलने का संकल्प देश के सामने रखा था। अब नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा विधिवत आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिए जाने के बाद प्रधानमंत्री की वह बड़ी घोषणा पूरी तरह से धरातल पर उतर आई है, जिससे संपूर्ण समाज में गर्व और हर्ष की लहर दौड़ गई है।

डेरा प्रमुख को पद्मश्री और संत समाज के उत्थान का संकल्प

केंद्र सरकार द्वारा समाज के प्रति दिखाई गई इस अटूट प्रतिबद्धता के तहत पूर्व में डेरा प्रमुख संत निरंजनदास जी को देश के प्रतिष्ठित 'पद्मश्री' नागरिक सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों का मानना है कि हवाई अड्डे के नाम परिवर्तन की यह प्रशासनिक औपचारिकता पूरी होने से पंजाब के लोगों को राष्ट्रीय स्तर पर एक नया गौरव प्राप्त हुआ है। सरकार की ये नीतियां और ऐतिहासिक संतों की विरासत को सहेजने के प्रयास स्पष्ट करते हैं कि देश के विकास में आध्यात्मिक और सामाजिक सुधारकों के योगदान को कितना सर्वोपरि स्थान दिया जा रहा है।