एवियन (फ्रांस): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत कूटनीतिक उपस्थिति दर्ज कराई है। सम्मेलन से इतर उन्होंने दुनिया के कई महत्वपूर्ण देशों के प्रमुखों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय मुलाकातें कीं। इस दौरान पीएम मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीर स्टार्मर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ विशेष बैठकें कीं।
इसके अलावा, उन्होंने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग, जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची, केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी से भी मुलाकात कर आपसी और वैश्विक हितों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा की।
भारत और ब्रिटेन के बीच 'विजन 2035' पर प्रगति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री सर कीर स्टार्मर ने पिछले एक साल में दोनों देशों के बीच हुए उच्च स्तरीय दौरों के बाद आपसी संबंधों में आई तेजी की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने रणनीतिक साझेदारी के रोडमैप यानी ‘विजन 2035’ के प्रमुख स्तंभों पर हुई प्रगति का स्वागत किया। इस विजन के तहत व्यापार, आर्थिक विकास, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन पर कदम, हरित ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना शामिल है। दोनों नेताओं ने उम्मीद जताई कि भारत-ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते को जल्द ही लागू कर दिया जाएगा।
बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच शिक्षा क्षेत्र में हो रही प्रगति पर भी संतोष जताया गया। इसके तहत बेंगलुरु में यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल द्वारा अपना कैंपस स्थापित करने और मुंबई में यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क व यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल के कैंपस खोलने की दिशा में हाल ही में हुए कदमों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। इसके अतिरिक्त, दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया और यूक्रेन के हालातों सहित विभिन्न वैश्विक घटनाक्रमों पर भी अपनी राय साझा की।
भारत और यूएई के बीच रणनीतिक रिश्तों की समीक्षा
प्रधानमंत्री मोदी और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच इस साल यह तीसरी मुलाकात थी, जो दोनों देशों के गहरे और जीवंत संबंधों को दर्शाती है। दोनों नेताओं ने इस साल जनवरी में राष्ट्रपति अल नाहयान की भारत यात्रा और मई में प्रधानमंत्री मोदी की यूएई यात्रा के बाद डिफेंस, निवेश, टेक्नोलॉजी, ट्रेड और एनर्जी सेक्टर में हुए सकारात्मक द्विपक्षीय विकास की समीक्षा की।
इस चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में लंबे समय तक शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए बातचीत, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन पर विशेष जोर दिया। इसके साथ ही दोनों देशों ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से वैश्विक व्यापार और समुद्री जहाजों की निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही को निरंतर जारी रखने की वकालत की।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मोदी और ट्रंप का खास पल
इस जी-7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि जब समिट में हिस्सा ले रहे सभी वैश्विक नेता ग्रुप फोटो के लिए मंच की सीढ़ियां चढ़ रहे थे, तब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने काफी गर्मजोशी के साथ पीएम मोदी की कलाई को हल्के से थाम लिया। काफी लंबे समय के बाद आमने-सामने मिले दोनों शीर्ष नेताओं के बीच की यह सहजता और करीबी कूटनीतिक गलियारों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोर रही है।

More Stories
6 कंपनियों को कॉन्ट्रैक्ट, अमेरिकी नेवी की ताकत बढ़ाने की बड़ी योजना
अमेरिका-ईरान डील का दावा: मसौदे की 14 शर्तें सामने आने की बात
Giorgia Meloni की हेल्थ जर्नी चर्चा में, धूम्रपान छोड़ने का दावा