बहादुरगढ़। शहर में सीवर की सफाई के दौरान एक प्लंबर की दर्दनाक मृत्यु के बाद से स्थानीय प्रशासन और परिजनों के बीच गतिरोध गहरा गया है। मृतक के परिवार को इंसाफ दिलाने और उचित आर्थिक मदद की मांग को लेकर स्थानीय नागरिक अस्पताल परिसर में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया है। दलाल खाप 84 के अध्यक्ष भूप सिंह की अगुवाई में चल रही इस पंचायत में ग्रामीण इलाकों से आए सैकड़ों पुरुषों और महिलाओं ने हिस्सा लिया। आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, वे अपना प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे। फिलहाल मृतक का शव अस्पताल में ही रखा हुआ है।
दलाल खाप के नेतृत्व में उमड़ी भीड़, मांगों पर अड़े परिजन
घटना के विरोध में बुलाई गई इस पंचायत में खाप नेताओं ने प्रशासनिक ढिलाई और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर कड़ा रोष व्यक्त किया है। दलाल खाप के प्रधान भूप सिंह ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि गरीब कामगारों की जान की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पंचायत ने एकजुटता दिखाते हुए निर्णय लिया है कि वे पीड़ित परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और किसी भी सूरत में अपने कदम पीछे नहीं खींचेंगे।
पीड़ित परिवार के पुनर्वास के लिए प्रशासन के सामने रखीं 3 बड़ी शर्तें
महापंचायत और शोकाकुल परिजनों ने मिलकर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों के सामने त्वरित राहत और दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए तीन प्रमुख मांगें रखी हैं, जो निम्नलिखित हैं:
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आर्थिक सहायता: पीड़ित परिवार को भरण-पोषण के लिए तुरंत एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि (मुआवजा) दी जाए।
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पेंशन व्यवस्था: मृतक की पत्नी के भविष्य और सुरक्षित जीवन-यापन को सुनिश्चित करने के लिए हर महीने एक निश्चित पेंशन योजना लागू की जाए।
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मुफ्त चिकित्सा सुविधा: अनाथ हुए बच्चे की उचित देखरेख के लिए भविष्य में उसके इलाज और पूरी मेडिकल सुविधाओं का खर्च सरकार उठाए।
मांगें पूरी होने तक पोस्टमार्टम और शव उठाने से साफ इनकार
हालात को देखते हुए अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इस बीच, खाप और परिजनों ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर आकर उनकी इन तीनों शर्तों को लिखित रूप में मंजूर नहीं कर लेते, तब तक वे शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। पंचायत ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर लिखित सहमति बनने के बाद ही शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की अनुमति दी जाएगी।
सुरक्षा उपकरणों की कमी पर उठे गंभीर सवाल
स्थानीय लोगों और साथी कर्मचारियों का आरोप है कि सीवर की सफाई के दौरान प्लंबर को आवश्यक सुरक्षा उपकरण (जैसे मास्क, ऑक्सीजन सिलेंडर और सेफ्टी बेल्ट) उपलब्ध नहीं कराए गए थे। जहरीली गैस के रिसाव के कारण यह हादसा हुआ, जो सीधे तौर पर ठेकेदार और संबंधित एजेंसी की लापरवाही को दर्शाता है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि पीड़ित परिवार को राहत देने के साथ-साथ दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए।

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