सावन में ओंकारेश्वर दर्शन का प्लान है? पहले पढ़ लें मंदिर प्रशासन का नया फैसला

खंडवा: सावन महीने में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए विश्व प्रसिद्ध श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर प्रशासन और पुलिस विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। मंदिर परिसर की दर्शन व्यवस्था से लेकर पूरे ओंकारेश्वर नगर की यातायात प्रणाली में व्यापक फेरबदल किए जा रहे हैं। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने पुलिस कंट्रोल रूम में हुई बैठक के बाद बताया कि यह नई व्यवस्था अगले दो-तीन दिनों के भीतर लागू कर दी जाएगी, ताकि आने वाले भक्तों को सुरक्षित और सुगम दर्शन कराए जा सकें।

सामान्य श्रद्धालुओं के लिए नया प्रवेश और निकास मार्ग

नई व्यवस्था के तहत सामान्य दर्शनार्थियों का प्रवेश सुखदेव मुनि द्वार से तय किया गया है। श्रद्धालु सीढ़ियों के रास्ते मंदिर पहुँचेंगे और गर्भगृह से करीब 10 फीट की दूरी से भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन कर सकेंगे। दर्शन के पश्चात भीड़ के दबाव को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से श्रद्धालुओं को चांदी गेट से बाहर निकालकर झूला पुल मार्ग की ओर भेजा जाएगा।

शीघ्र दर्शन और प्रोटोकॉल श्रेणी के लिए अलग इंतजाम

वीआईपी, प्रोटोकॉल और शीघ्र दर्शन (पेड दर्शन) का पास लेने वाले श्रद्धालुओं के लिए बिल्कुल अलग मार्ग तय किया गया है। मंदिर के मौजूदा एग्जिट गेट को अब केवल प्रोटोकॉल प्रवेश द्वार के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। इस मार्ग से प्रवेश करने वाले श्रद्धालु दर्शन के बाद लकड़ी गेट से बाहर निकलेंगे। साथ ही, शीघ्र दर्शन और प्रोटोकॉल टिकट काउंटर को ब्रह्मपुरी पार्किंग क्षेत्र में शिफ्ट किया जा रहा है।

पूरे ओंकारेश्वर नगर में लागू होगी वन-वे व्यवस्था

सावन के दौरान पूरे ओंकारेश्वर शहर में वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी। बाहरी वाहनों के नगर सीमा में प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा और सभी गाड़ियों को तय की गई पार्किंग में ही पार्क करना अनिवार्य होगा। प्रशासन का कहना है कि प्रवेश और निकास के अलग-अलग रास्तों और सख्त ट्रैफिक प्लान से भीड़ का प्रबंधन बेहद प्रभावी और सुरक्षित तरीके से किया जा सकेगा।