पाकिस्तान का हवाई प्रहार, अफगानिस्तान में 19 लोगों की मौत

काबुल: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर चल रहा तनाव एक बार फिर बेहद हिंसक रूप ले चुका है। दोनों देशों के बीच सीमा विवाद और लगातार होती झड़पें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इसी बीच, पाकिस्तानी वायुसेना ने देर रात और तड़के सुबह अफगानिस्तान की हवाई सीमा (एयरस्पेस) का उल्लंघन करते हुए कई प्रांतों में भीषण एयरस्ट्राइक की है। इस अचानक हुए हमले से सीमावर्ती इलाकों में भारी तबाही मची है और दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति और गंभीर हो गई है।

भीषण हमले में 13 निर्दोष नागरिकों की मौत

पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान के कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों को अपना निशाना बनाया। तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इस हमले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि पाकिस्तानी सेना ने जानबूझकर आम नागरिकों के आवासीय घरों पर बमबारी की है। इस कायराना हमले में अब तक कम से कम 13 मासूम लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें सबसे ज्यादा दर्दनाक बात यह है कि मृतकों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग शामिल हैं।

कई लोग घायल, बढ़ने लगा मौत का आंकड़ा

पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के कारण कई घरों के मलबे में तब्दील होने से 14 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें महिलाओं की संख्या अधिक है। स्थानीय प्रशासन और बचाव दलों ने घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया है, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, कई घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिससे आने वाले समय में मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

सैकड़ों नागरिक गंवा चुके हैं अपनी जान

पिछले एक साल के भीतर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच आपसी दुश्मनी और रणनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। दोनों देशों की सेनाओं के बीच जारी इस खूनी संघर्ष की सबसे बड़ी कीमत अफगानिस्तान के बेकसूर नागरिकों को चुकानी पड़ रही है। पिछले महीनों में हुए लगातार हमलों और सीमा पार से जारी गोलाबारी के कारण अब तक सैकड़ों आम नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं और हजारों की संख्या में लोग पलायन करने को मजबूर हुए हैं।

वैश्विक मंच पर पाकिस्तान के दोगलेपन की खुली पोल

अफगानिस्तान के रिहायशी इलाकों पर की गई इस बमबारी से अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान का दोहरा चरित्र एक बार फिर दुनिया के सामने आ गया है। एक तरफ जहां पाकिस्तान खुद को दुनिया के सामने एक शांतिदूत के रूप में पेश करने की कोशिश करता है और वैश्विक विवादों में मध्यस्थ बनने के दावे करता है, वहीं दूसरी तरफ उसकी अपनी सेना पड़ोसी देश की संप्रभुता को कुचलकर निर्दोष बच्चों और महिलाओं का खून बहा रही है। पाकिस्तान का यह रवैया उसकी कथनी और करनी के बड़े अंतर को साफ उजागर करता है।

तालिबान की जवाबी कार्रवाई और बदले की आशंका

इस घातक हवाई हमले के बाद क्षेत्र में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। तालिबान सरकार ने इस हमले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है और माना जा रहा है कि वे इसका बदला लेने के लिए जल्द ही कोई बड़ी जवाबी सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं। सैन्य विश्लेषकों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में डूरंड रेखा (बॉर्डर) पर तैनात पाकिस्तानी सेना के ठिकानों पर हमले तेज हो सकते हैं। इसके साथ ही पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों, विशेष रूप से खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खतरा और अधिक बढ़ गया है।