आंगनबाड़ी केंद्रों पर “खिलौना बैंक” “प्रवेशोत्सव एवं वृक्षारोपण” कार्यक्रम का आयोजन

जयपुर: प्रदेश के 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शाला पूर्व शिक्षा (प्री-स्कूल एजुकेशन) से जोड़ने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के आईसीडीएस निदेशालय ने एक अनूठी पहल की है। बुधवार, 01 जुलाई 2026 को राजस्थान के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक साथ "खिलौना बैंक", "प्रवेशोत्सव" और "वृक्षारोपण" कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा के प्रति आकर्षित करना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना है।

गौतमनगर केंद्र से हुई 'खिलौना बैंक' की शुरुआत

इसी राज्यव्यापी अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग की शासन सचिव श्रीमती पूनम ने जयपुर के गौतमनगर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर "खिलौना बैंक" का विधिवत शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में पहली बार दाखिला लेने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों का तिलक लगाकर बेहद आत्मीय स्वागत किया और उन्हें विशेष 'प्रवेश किट' भेंट की। शासन सचिव ने बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए उनके साथ जमीन पर बैठकर खेल-आधारित गतिविधियों में हिस्सा लिया, पेंटिंग बनवाई और बच्चों को पेंटिंग किट के साथ टॉफी व चॉकलेट भी बांटीं।

अभिभावकों से संवाद और परिसर में पौधारोपण

कार्यक्रम के दौरान शासन सचिव श्रीमती पूनम ने केंद्र पर मौजूद नए बच्चों के माता-पिता और अभिभावकों से भी सीधा संवाद किया। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में शुरुआती शिक्षा के महत्व को समझाते हुए उन्हें लगातार प्रोत्साहित करने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र को बच्चों के लिए अधिक आनंददायक, सुरक्षित और खेल-कूद के अनुकूल बनाने पर जोर दिया। इस मौके पर उन्होंने आंगनबाड़ी परिसर में पौधारोपण भी किया। कार्यक्रम में मौजूद अतिरिक्त निदेशक (शिशु) डॉ. प्रीति पंवार ने भी बच्चों को अपनी ओर से खिलौने उपहार में दिए और परिसर में पौधे लगाए।

प्रदेशभर में नए पंजीकरण और 'धन्यवाद-पत्र' का वितरण

गौरतलब है कि इस विशेष अभियान के तहत बुधवार को राजस्थान के कोने-कोने में स्थित सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर "खिलौना बैंक" स्थापित कर दिए गए हैं। इसके साथ ही आयोजित "प्रवेशोत्सव" के माध्यम से 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के उन सभी बच्चों को चिन्हित कर आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत किया गया, जो अब तक इससे छूटे हुए थे। इन कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पंचायती राज प्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) और बड़ी संख्या में अभिभावकों ने हिस्सा लिया। विभाग की ओर से इस खिलौना बैंक के लिए खिलौने दान करने वाले भामाशाहों और भेंटकर्ताओं को सम्मानित करते हुए "धन्यवाद-पत्र" भी सौंपे गए, जिसके बाद सभी केंद्रों के आसपास बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया गया।