October 13, 2026

दिल्ली में विपक्षी नेताओं का मार्च, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे भी हुए शामिल

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन और इंडिया ब्लॉक की बैठक से पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। विभिन्न दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावी प्रक्रियाओं पर तीखे सवाल उठाए हैं।

तेलंगाना भवन में विरोध प्रदर्शन और रेवंत रेड्डी का रुख

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने दिल्ली स्थित तेलंगाना भवन में आयोजित प्रदर्शन की अगुवाई की। इस दौरान विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ मुखर होकर अपनी बात रखी और देश भर में लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर जोर दिया।

अखिलेश यादव और सपा नेताओं के गंभीर आरोप

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिल्ली रवाना होने से पहले भारतीय जनता पार्टी पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर अब भी बड़े पैमाने पर फर्जी और दोहरे वोट बनवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पूरा होने के बावजूद सूचियों में भारी गड़बड़ियां मौजूद हैं, जिससे चुनाव आयोग की निष्पक्षता संदिग्ध नजर आती है। वहीं, सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने स्पष्ट किया कि इंडिया ब्लॉक का यह मार्च किसी शक्ति प्रदर्शन का हिस्सा नहीं, बल्कि पूरे देश की बुनियादी मांग है।

संविधान क्लब के बाहर बढ़ी चौकसी और नेताओं की हलचल

इंडिया ब्लॉक की आगामी बैठक और विरोध मार्च के मद्देनजर संविधान क्लब ऑफ इंडिया के आसपास सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। बैठक में हिस्सा लेने के लिए विपक्षी दलों के दिग्गज नेताओं का पहुंचना जारी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा आवश्यक चर्चा के बाद संविधान क्लब से रवाना हुए।

विपक्षी नेताओं की रणनीति और बयान

तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने जानकारी दी कि सभी विपक्षी दलों के नेता संविधान क्लब में एकजुट हो रहे हैं और मार्च के रूट तथा आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। इसके साथ ही, समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने लोकतंत्र की रक्षा को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि इस व्यवस्था में जनता सबसे अहम है और विपक्ष इसी की सुरक्षा के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ रहा है।