जलगांव.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला उत्पीड़न मामलों को ऑनलाइन दर्ज करने के निर्देश पर महाराष्ट्र कैबिनेट में चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने बताया कि राज्य सरकार ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पीएम मोदी के निर्देश को तुरंत लागू करने का फैसला किया और इसके साथ ही अलग कदम उठाने का भी निर्णय लिया है।
जलगांव में माझी लाड़की बहिन योजना कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने महिलाओं के खिलाफ अपराध को अक्षम्य पाप बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। पीएम मोदी की यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या और महाराष्ट्र के बदलापुर में नाबालिग से यौन उत्पीड़न मामले के संदर्भ में आई। उन्होंने बताया कि भारतीय न्याय संहिता में एक पूरा अध्याय महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध के लिए समर्पित है। अगर कोई महिला पुलिस स्टेशन तक नहीं पहुंच पाती है तो वह ई-एफआईआर भी दर्ज करा सकती है। पत्रकारों से बात करते हुए अजित पवार ने कहा, "पीएम मोदी ने यौन उत्पीड़न मामलों की शिकायत ऑनलाइन दर्ज करने के निर्देश दिए और हमने इसे तुरंत लागू करने का फैसला किया है। ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं। हमने इन अपराधों को रोकने के लिए एक अलग दृष्टिकोण अपनाने का फैसला किया। इस मुद्दे पर कल मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा भी की गई।" डिप्टी सीएम ने अपराधियों के लिए सख्त से सख्त कार्रवाई का आह्वान किया।

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