इस्लामाबाद
पाकिस्तान की कंगाल आर्थिक स्थिति दुनिया के सामने है। देश में लोगों के सामने खाने का संकट हैं। पाकिस्तान की सरकार आईएमएफ के सामने फंड के लिए गिड़गिड़ा रही है और स्थिति ये है कि देश दिवालिया होने के कगार पर खड़ा है। इस बीच पाकिस्तान के अंदर एक डरा देने वाली चर्चा शुरू हो गई है। पाकिस्तान के अंदर एक वर्ग इस बारे में बात कर रहा है कि पाकिस्तान पैसे के लिए परमाणु बम की टेक्नोलॉजी बेच सकता है। पाकिस्तानी-अमेरिकन एक्सपर्ट ने इन चर्चाओं का जवाब एक शो में दिया है।
पाकस्तानी यूट्यूबर आरजू काजमी ने एक्सपर्ट साजिद तरार से पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को लेकर अपने शो में बात की। इस दौरान साजिद तरार ने अमेरिका के वाशिंगटन में आईएमएफ के ऑफिस के बाहर हो रहे पाकिस्तानी विरोध प्रदर्शन की चर्चा की और कहा कि ये पाकिस्तान को नुकसान पहुंचा रहे हैं। पाकिस्तान को इस समय मदद की जरूरत है। तरार ने कहा कि इमरान खान के समर्थन देश में हर चीज का जिस तरह विरोध कर रहे हैं, उससे पाकिस्तान पर खतरा है। उन्होंने दावा किया कि जितना भारत ने पाकिस्तान को नुकसान नहीं पहुंचाया है, उससे ज्यादा यहां की राजनीतिक अस्थिरता ने पहुंचाया है।
पाकिस्तान के परमाणु हथियार खतरे में?
इसी शो के दौरान आरजू काजमी ने साजिद तरार से पाकिस्तान के बारे में चल रही उन चर्चाओं के बारे में सवाल किया जिसमें कहा जा रहा है कि पाकिस्तान अपने परमाणु हथियार बेचने की तैयारी में है, ताकि कुछ पैसे बना सकें। इस बारे में साजिद तरार ने कहा कि इस बारे में कई अफवाहें चल रही हैं, लेकिन मुझे ऐसा नहीं लगता है। ये इतना आसान नहीं है। उन्होंने बताया कि मुझे भी ऐसा बताया गया कि इंटरनेशनल एटामिक एनर्जी के लोग बम लेकर जाएंगे। ये इस तरह नहीं होता है और न ही उन्हें ऐसा करने की जरूरत है।
साजिद तरार ने कहा कि पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि उसकी वजह से ये बातें बाहर आती हैं। उन्होंने बताया कि आईएमएफ जैसी संस्थाओं के जरिए वो पहले ही आप पर कंट्रोल कर रहे हैं। आप उनके पैसों पर निर्भर हैं, पाकिस्तान उनसे पैसा लेगा तो वो इसकी हर चीज पर कंट्रोल करेगा। पाकिस्तान के लोग डॉलर, पाउंड को पूजते हैं। पाकिस्तान का एलीट क्लास को देख लीजिए, हर बड़ा शख्स यहां से निकलकर विदेश में जाकर ठिकाना बना लेता है। ऐसी स्थिति में कोई अगर इन टेक्नोलॉजी को निकाल दे तो बहुत ताज्जुब की बात नहीं है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि ये फिर भी इतना आसान नहीं है।

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