नई दिल्ली
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में हुए रियासी आतंकवादी हमले के सिलसिले में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस हमले के सिलसिले में एनआईए ने छापेमारी शुरू कर दी है। रियासी में आतंकवादी हमले को अंजाम देते हुए दहशतगर्दों ने पौनी इलाके में शिव खोरी से कटरा जा रही तीर्थयात्रियों की बस पर हमला किया गया था, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें एक बच्चा भी शामिल था। इसके बाद गृह मंत्रालय के निर्देश के मुताबिक, एनआईए ने इस मामले की जांच शुरू की थी और 15 जून को मामला अपने हाथ में लिया था।
राज उगल रहा आतंकियों को पनाह देने वाला
एनआईए की राजौरी में छापेमारी हाकम खान उर्फ हाकिन दीन द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित थी, जिसे 19 जून को रियासी आतंकी हमले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। एनआईए ने अपनी प्रारंभिक जांच में पाया कि दीन ने कथित तौर पर हमले में शामिल आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह , रसद सहायता और जीविका प्रदान की थी। रियासी की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मोहिता शर्मा के अनुसार, दीन ने न केवल हमलावरों को शरण दी, बल्कि उनकी गतिविधियों और गतिविधियों में भी मदद की, जिसके कारण यह घातक घटना घटी।
उन्होंने कहा, "गिरफ्तार व्यक्ति एक प्रमुख आतंकवादी सहयोगी है, जिसने हमले को अंजाम देने में आतंकवादियों की मदद की थी। मामले की आगे की पूछताछ और जांच जारी है।" शर्मा ने बताया कि पूछताछ के दौरान दीन ने बताया कि तीन आतंकवादी उसके घर पर ठहरे हुए थे। आतंकवादियों ने उसे 6,000 रुपये दिए थे।
जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा गंभीरता से ले रही सरकार
इस घटना ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा की चुनौतियों के एक बार फिर उजागर किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस घटना के बाद सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। पीएम मोदी ने बताया कि सरकार इसे गंभीरता से ले रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के दुश्मनों को सबक सिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

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