September 19, 2026

13 साल पुराने झीरमकांड केस में नया अपडेट, फरार आरोपियों की संख्या घटकर 4 हुई

जगदलपुर। बहुचर्चित झीरम घाटी नरसंहार मामले में फरार घोषित किए गए नक्सली आरोपियों की वर्तमान स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने इस प्रकरण में कुल 39 व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया था। इनमें से एक अभियुक्त की पूर्व में मृत्यु हो चुकी है, जबकि 10 को अदालत द्वारा सजा सुनाई जा चुकी है। इसके अतिरिक्त 27 आरोपियों को स्थायी रूप से फरार घोषित किया गया था।

नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, इन 27 फरार आरोपियों में से 14 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है, जबकि 9 अलग-अलग पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए हैं। वर्तमान में केवल 4 ऐसे आरोपी शेष हैं, जिनकी तलाश सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की जा रही है।

14 फरार नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

झीरमकांड में फरार घोषित 27 आरोपियों में से 14 नक्सलियों ने समय-समय पर सुरक्षाबलों के समक्ष अपने हथियार डाले हैं। मुख्यधारा में लौटने वाले इन नक्सलियों में संगठन के कई बड़े कैडर भी सम्मिलित हैं।

आत्मसमर्पण करने वालों में तिप्पीरी तिरूपति उर्फ देवजी तथा बारसे सुक्का उर्फ देवा का नाम प्रमुख है। इन दोनों बड़े नक्सलियों ने तेलंगाना राज्य में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। सरेंडर के उपरांत ये सभी हिंसक गतिविधियों को त्यागकर सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

विभिन्न मुठभेड़ों में ढेर हुए 9 इनामी आरोपी

फरार सूची में शामिल 9 नक्सली अलग-अलग समय पर सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ों में मारे जा चुके हैं। इनमें पाका हनुमंथ उर्फ गणेश उईके प्रमुख रूप से शामिल था, जिसे तेलंगाना में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। इस प्रकार फरार घोषित अभियुक्तों में से अधिकांश अब या तो आत्मसमर्पण कर चुके हैं या मारे जा चुके हैं।

अब केवल 4 मुख्य फरार आरोपियों की तलाश जारी

14 नक्सलियों के सरेंडर तथा 9 के मुठभेड़ में मारे जाने के उपरांत अब इस प्रकरण में मात्र 4 आरोपी ही शेष बचे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। यद्यपि आत्मसमर्पण करने वाले और मुठभेड़ में मारे गए आरोपियों के संदर्भ में एनआईए की विशेष अदालत द्वारा कानूनी प्रक्रियाओं के तहत अंतिम स्थिति स्पष्ट किया जाना अभी शेष है।

एनआईए अदालत द्वारा फरार घोषित किए गए थे ये नाम

विशेष अदालत द्वारा जिन 27 आरोपियों को भगोड़ा घोषित किया गया था, उनमें सोमा सोढ़ी उर्फ सुरेन्द्र, बारसे सुक्का उर्फ देवा, सप्पो हुंगा उर्फ विनोद, जयलाल मंडावी, कुम्मे मोडियाम, तिप्पीरी तिरूपति उर्फ देवजी, पाका हनुमंथ उर्फ गणेश उईके, वैुगुला अरूणा उर्फ माधवी, मोडियम रमेश उर्फ लच्छु, तेलाम आयतु, गीता पुनेम, मंगली कोसा, मड्डा मड़ाकामी, सन्नु वेट्टी, भगत हेमला, कामेश कवासी, कोरसा सन्नी, कोरसा सन्नु, सोमी पोट्टाम, कुरसाम सन्नी, लक्खू पुनेम, कोरसा लक्खू, बदरू मोडियाम, सरिता काकेम, कुम्मा गोंदे, हेमला मासा तथा कवासी बदरू शामिल थे।

मामले की वर्तमान वैधानिक स्थिति

झीरम घाटी कांड में 27 फरार आरोपियों का दायरा अब अत्यधिक सिमट चुका है। अधिकांश आरोपियों के आत्मसमर्पण करने अथवा मारे जाने के बाद अब सुरक्षा एजेंसियों का पूरा ध्यान शेष बचे 4 फरार आरोपियों को कानून के शिकंजे में लाने पर केंद्रित है।