अयोध्या: राम मंदिर के चर्चित चढ़ावा चोरी मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की कार्रवाई अब बेहद आक्रामक हो गई है। जांच दल ने अपनी तफ्तीश का दायरा बढ़ाते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि से जुड़ी गतिविधियों को खंगालना शुरू कर दिया है। एसआईटी की टीम अयोध्या स्थित उस वैदेही भवन तक जा पहुंची है, जहां गोविंददेव गिरि अपने अयोध्या प्रवास के दौरान रुकते हैं। जांच टीम ने वहां के महंत और सेवादारों से उनके प्रवास के दौरान की दिनचर्या, गतिविधियों और उनसे मुलाकात करने आने वाले लोगों का पूरा विवरण जुटाया है। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी अब ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष के रूप में उनकी प्रशासनिक और वित्तीय जिम्मेदारियों की भी गहराई से पड़ताल कर रही है।
आरोपियों की पूछताछ में बड़े खुलासे
इस मामले में पुलिस रिमांड पर लिए गए दो मुख्य आरोपियों, रमाशंकर मिश्र और सुभाष श्रीवास्तव से बुधवार को हुई कड़ी पूछताछ में कई चौंकाने वाले राज सामने आए हैं। पुलिस लाइन में हुई इस पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कुछ ऐसे नए और सनसनीखेज खुलासे किए हैं, जो इस पूरे मामले की विवेचना का रुख मोड़ सकते हैं। पूछताछ में सामने आए तथ्यों से संकेत मिले हैं कि दानपात्र से चढ़ावे की गणना (गिनती) के दौरान बड़े पैमाने पर हेराफेरी की जाती थी।
बयानों की सत्यता की जांच में जुटी पुलिस
आरोपियों से मिले इन नए इनपुट के बाद अब पुलिस और एसआईटी बेहद सतर्कता से आगे बढ़ रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों द्वारा दिए गए बयानों और उगले गए नए राजों की सत्यता की गहनता से पड़ताल की जाएगी। इस बात की भी जांच की जा रही है कि इस चोरी में बैंककर्मियों या ट्रस्ट के किसी अन्य आंतरिक सदस्य की मिलीभगत तो नहीं थी। चढ़ावा चोरी के नए तथ्य उजागर होने के बाद अब मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

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