मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में इस समय विपक्षी दल कांग्रेस और शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) यानी एनसीपी (एसपी) के बीच संभावित विलय (पार्टी के जुड़ने) की खबरें काफी चर्चा में हैं। इस बीच केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई-अठावले गुट) के प्रमुख रामदास अठावले का एक बड़ा बयान सामने आया है। अठावले ने शरद पवार को सलाह देते हुए कहा है कि उन्हें अपनी पार्टी का विलय कांग्रेस में करने के बजाय भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल हो जाना चाहिए।
कांग्रेस को बताया कमजोर, आरपीआई में विलय का भी दिया ऑफर
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि उन्होंने अतीत में भी शरद पवार को अपनी पार्टी का विलय कांग्रेस में करने का सुझाव दिया था। हालांकि, उनका मानना है कि वर्तमान समय में कांग्रेस के पास अब कोई ताकत नहीं बची है। अठावले ने चुटकी लेते हुए कहा कि डूबती हुई कांग्रेस के पास जाने के बजाय शरद पवार के लिए एनडीए में आना ज्यादा फायदेमंद होगा। उन्होंने एक और दिलचस्प विकल्प देते हुए कहा कि अगर शरद पवार को भाजपा के साथ जाने में किसी भी तरह की कोई परेशानी या झिझक है, तो वे अपनी पार्टी का विलय सीधे आरपीआई (RPI) में भी कर सकते हैं।
संजय राउत की सलाह के बाद शुरू हुई सियासी बहस
इस पूरे राजनीतिक विवाद की शुरुआत शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत के उस बयान के बाद हुई, जिसमें उन्होंने सुझाव दिया था कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) और एनसीपी (एसपी) जैसी क्षेत्रीय पार्टियों को अब वापस कांग्रेस में लौट जाना चाहिए। राउत का तर्क था कि ये सभी दल मूल रूप से कांग्रेस से अलग होकर ही बने थे, इसलिए अगर ये फिर से एक साथ आ जाते हैं, तो भाजपा के खिलाफ देश में एक मजबूत राजनीतिक विकल्प तैयार किया जा सकेगा। उन्होंने पश्चिम बंगाल के राजनीतिक घटनाक्रमों का हवाला देते हुए कहा था कि शरद पवार को खुद आगे बढ़कर इन छोटी पार्टियों का कांग्रेस में विलय कराने की पहल करनी चाहिए। इसी बयान के बाद से महाराष्ट्र की राजनीति में बयानों का दौर तेज हो गया है।

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