घरेलू दवा बाजार में आने वाले तीन वर्षों में मजबूत वृद्धि देखने को मिल सकती है। इसका मुख्य कारण नई दवाओं, खासकर GLP-1 आधारित दवाओं के लॉन्च को माना जा रहा है। सिस्टमैटिक्स रिसर्च की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का घरेलू फार्मास्युटिकल सेक्टर इस अवधि में उच्च सिंगल-डिजिट दर से बढ़ सकता है।रिपोर्ट के अनुसार, भारत के ब्रांडेड फॉर्मुलेशन बाजार में ग्रोथ GLP-1 दवाओं के बढ़ते उपयोग और लॉन्च से तेज होने की उम्मीद है। इससे उन भारतीय फार्मा कंपनियों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है, जिनकी घरेलू बाजार में मजबूत मौजूदगी है।हालांकि, रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि अमेरिकी जेनेरिक दवा कारोबार से होने वाली कमाई अधिकांश कंपनियों के लिए निकट भविष्य में स्थिर रह सकती है। इसके बावजूद घरेलू बाजार की मांग, नए उत्पादों की लॉन्चिंग और क्रॉनिक थेरेपी सेगमेंट की बढ़ती हिस्सेदारी भारतीय दवा कंपनियों की कुल वृद्धि को सहारा दे सकती है।

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