भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने दे और समाज की सुरक्षा में अपनी जान गंवाने वाले शहीद जवानों के परिवारों के सम्मान में एक बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश के सभी सरकारी और निजी कॉलेजों में पुलिस, होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा बल (सिविल डिफेंस) के शहीद कर्मियों की विधवाओं और उनके बच्चों को एडमिशन में विशेष आरक्षण दिया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
कॉलेजों में अलग से जोड़ी जाएगी अतिरिक्त सीट
नए नियमों के मुताबिक, कॉलेजों के हर स्नातक (यूजी) कोर्स में शहीद परिवारों के लिए एक अतिरिक्त सीट आरक्षित की जाएगी। इस सीट को 'सुपरन्यूमेरेरी सीट' कहा जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कॉलेज की सामान्य सीटों में कोई कटौती नहीं की जाएगी, बल्कि नियमित सीटों के अलावा इस एक सीट को अलग से जोड़ा जाएगा। इससे दूसरे सामान्य छात्रों के एडमिशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
ऑनलाइन आवेदन और मेरिट के आधार पर मिलेगा फायदा
इस योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन एडमिशन पोर्टल पर जाकर एक अलग कैटेगरी में आवेदन करना होगा। यदि किसी एक कोर्स में एक से ज्यादा पात्र उम्मीदवार आवेदन करते हैं, तो एडमिशन मेरिट (अंकों) के आधार पर तय किया जाएगा। इसके साथ ही, आवेदन के समय गृह विभाग या सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया शहीद परिवार का प्रामाणिक सर्टिफिकेट जमा करना अनिवार्य होगा।
मध्य प्रदेश में इस तरह की व्यवस्था पहली बार लागू की गई है। सरकार के इस कदम की चौतरफा सराहना हो रही है, क्योंकि इससे उन परिवारों को आर्थिक और सामाजिक संबल मिलेगा जिन्होंने अपना सबसे बड़ा सहारा खो दिया है।

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